योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर भड़के भाजपाई, अपना घर गिरा तो अयोध्या डीएम को घेरा
अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के विस्तारीकरण के लिए हुए बुलडोजर एक्शन से भाजपा नेताओं में आक्रोश है।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी से मिलकर कार्रवाई पर सवाल उठाते भाजपा नेता।
HighLights
अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर बुलडोजर कार्रवाई।
भाजपा नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर जताया कड़ा रोष।
डीएम ने जांच कमेटी गठित कर न्याय का दिया आश्वासन।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के विस्तारीकरण की परिधि में आ रहे आधा दर्जन भवनों पर जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया। रविवार शाम हुई कार्रवाई से क्षेत्र में रोष है। भाजपाइयों में आक्रोश है।
योगी सरकार में बुलडोजर की कार्रवाई पर पहली बार भाजपा नेताओं ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। सवालों से घेरा भी। इस पर अधिकारी चुप्पी साधे रहे। नेताओं ने पूरी कार्रवाई को अनियमित बताया।
भाजपा के पूर्व सभासद के आवास पर भी चला बुलडोजर
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मामले की जांच के लिए एडीएम की अगुवाई में कमेटी गठित करने का भरोसा दिया। कहा, प्रभावितों को न्याय मिलेगा। प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। कार्रवाई की जद में भाजपा के ही पूर्व सभासद मुरारी यादव का आवास भी आया। कार्रवाई के समय उनकी पत्नी बेहोश हो गईं थीं।
सोमवार को सुबह महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव पदाधिकारियों व अन्य नेताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय गए। सूचना पर डीएम ने सभी को सभाकक्ष में बुलाया। नेताओं ने प्रशासन को खरी खरी सुनाई।
चौड़ीकरण के मानकों की अनदेखी का लगाया आरोप
विधायक वेदप्रकाश गुप्त, रामचंद्र यादव सहित अन्य नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। नेताओं के कलेक्ट्रेट में होने की सूचना पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता पहुंचे। मुरारी यादव के आवास पर लोग एकत्रित होने लगे। कमलेश ने कहा, इस कार्रवाई में चौड़ीकरण के मानकों की अनदेखी हुई है।
बताया कि सड़क के केंद्र बिंदु से दोनों ओर चौड़ीकरण होना चाहिए, लेकिन एक ओर ही भवन गिरा दिया गया। इसकी जिम्मेदारी तय हो। विधायकों ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया। कहा कि पीड़ितों के आवास की व्यवस्था हो, ध्वस्तीकरण के जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की जाए।
घटना स्थल पर पुलिस बल तैनात
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि सीएम की मंशा के अनुरूप अधिकारी कार्य नहीं कर रहे हैं। उनसे मिलकर घटना की समग्र जानकारी देंगे। घटना स्थल पर पुलिस बल तैनात है। बताया जा रहा है कि उच्च न्यायालय में हुई एक रिट पर कार्रवाई हुई।
वरिष्ठ नेता अशोक द्विवेदी ने कार्रवाई को पीड़ादायक बताया। उन्होंने आंदोलन पर विचार करने को कहा। भावुक हुईं। यह कहते हुए सवाल खड़े किए कि नजूल में तो पूरा शहर है। समुचित मुआवजा देने की मांग की।
पूर्व सांसद लल्लू सिंह घटना स्थल पर जाकर परिवारों से मिले। कई नेताओं व स्थानीयजनों का तांता लगा रहा। वार्ता में महानगर महामंत्री शैलेंद्र कोरी, परमानंद मिश्र, मंत्री रवि सिंह, अशोका द्विवेदी, रीना द्विवेदी, गरिमा मौर्या, सहित बड़ी संख्या में पार्टीजन रहे।
