दो वर्ष में रिकॉर्ड 18 करोड़ भक्तों ने किए रामलला के दर्शन, अनिल मिश्र बोले- सत्ता के लोभियों में उठा दर्द
राम मंदिर के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्र ने चढ़ावा चोरी पर हो रही राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा ...और पढ़ें

दो वर्ष में 18 करोड़ भक्तों के अयोध्या आने से सत्ता के लोभियों में उठा दर्द: अनिल मिश्र।
HighLights
अनिल मिश्र ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर राजनीति को घेरा।
दो साल में 18 करोड़ भक्तों ने रामलला के दर्शन किए।
सत्ता के लोभी पीएम मोदी-योगी को हटाने का दिवास्वप्न देख रहे।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विवादों का सामना कर रहे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व ट्रस्टी डा. अनिल कुमार मिश्र ने सामने आकर पहली बार तीखी प्रतिक्रिया दी। वह चोरी की घटना पर हो रही सियासत पर खुल कर बोले। हालांकि उन्होंने आरोप लगाने वाले राजनीतिक दलों (सपा व कांग्रेस) का नाम नहीं लिया, लेकिन अपरोक्ष रूप से निशाना इन पर ही रहा।
कहा, चोरी की छोटी घटना पर सत्ता के लोभी यूं ही प्रलाप नहीं कर रहे, इसके पीछे अयोध्या में दो वर्ष में आने वाले 18 करोड़ भक्त है। अल्प अवधि में इतनी संख्या में लोग जब रामलला का दर्शन करते हैं, तो इनके मन में वेदना होती है।
कहा कि अनर्गल प्रलाप के जरिए वे पीएम नरेन्द्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ को हटा कर सत्ता पर कब्जा करने का दिवा स्वप्न देख रहे हैं। अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं। वह देवगढ़ में आयोजित रामकोट की वार्षिक परिक्रमा की तैयारी बैठक को संबोधित कर रहे थे। उनके भाषण का कुछ अंश इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित है।
उन्होंने बताया कि 2.77 एकड़ की जगह आठ एकड़ के विशाल परिसर में चार वर्ष में ही रामलला का भव्य मंदिर बन कर तैयार हो गया। कम समय में मंदिर का स्वरूप निखरा। बताया कि किस तरह महाकुंभ के दौरान पांच करोड़ भक्त रास्ते से, बाद में दर्शन करने का संकल्प लेकर लौट गए, क्योंकि भीड़ अधिक थी।
बताया कि इसको मिला कर अब तक लगभग 23 करोड़ भक्तों ने अयोध्या आने का प्रयत्न किया या यहां आकर दर्शन किए। बताया कि ईसाइयों की आस्था स्थली वेटिकन सिटी हो या मक्का-मदीना, वहां आज तक 18 करोड़ लोग नहीं पहुंचे, जब कि अयोध्या में मात्र दो वर्षो में ही 18 करोड़ लोग आए और रामलला का दर्शन किया।
