राम मंदिर दर्शन के लिए संतों को मिलेगी स्पेशल व्यवस्था, जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अलग से बनाएगा पास आईडी
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट संतों के लिए सुगम दर्शन की विशेष ...और पढ़ें

संतों को राम मंदिर का दर्शन कराने की विशेष व्यवस्था करेगा जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
HighLights
चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाएं सुधारीं।
संतों के लिए सुगम दर्शन की विशेष व्यवस्था होगी।
पूर्व सूचना पर पास आईडी से दर्शन मिलेंगे।
प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में जुटा है। इसी कड़ी में साधु-संतों के सुगम दर्शन का प्रबंध भी किया गया है। बाहर से आने वाले संतों को रामलला का दर्शन कराने की व्यवस्था भी ट्रस्ट करेगा।
इसके लिए संतों को ट्रस्ट कार्यालय या फिर इस व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारियों को पूर्व में सूचना देनी होगी। फिर इनको ससम्मान सुगम दर्शन कराया जाएगा। इसके लिए अलग से पास आडी बनेगी।
यह व्यवस्था 15 अगस्त के बाद लागू हो सकती है। बाहरी संतों के साथ ही रामनगरी के संतों को भी इस सुविधा से जोड़ा गया है। दर्शन जाने के पहले यदि कोई इसकी सूचना देगा तो उस संत टोली को दर्शन कराने का प्रबंध ट्रस्ट करेगा।
ट्रस्ट और धार्मिक समिति ने संतों के समन्वय एवं दर्शन व्यवस्था के लिए हाल ही में व्यवस्था प्रमुख बनाए गए आचार्य इंद्रदेव को अधिकृत किया है। वह जरूरत पड़ने पर संतों के ठहरने की व्यवस्था कराने के साथ उन्हें सुविधा पूर्वक सुगम दर्शन कराने तक की व्यवस्था करेंगे।
दरअसल चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उसे दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया है। इसमें संतों के दर्शन प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने का फैसला लिया गया।
चढ़ावा चोरी के बाद से आमजन के साथ संतों में नाराजगी थी। ट्रस्ट ने संतों को न केवल घटना की समुचित जानकारी दी बल्कि इन सभी को साधना भी प्रारंभ किया। इनकी नाराजगी को नियंत्रित करने के लिए ट्रस्ट लगातार प्रयासरत है। पूर्व महासचिव चंपतराय भी संतों के बीच में जा रहे हैं।
ट्रस्ट ने पहले धर्म समिति में स्थानीय संतों को जगह देकर न केवल उनका सम्मान बढ़ाया बल्कि उनके सुझावों पर अमल भी शुरू किया है। मंदिर के उत्सव के लिए धर्म समिति के प्रतिनिधियों की अनुशंसा को अहम बताया और उनकी ओर से तैयार योजना पर अमल करके ही मंदिर के पूजा पाठ व धार्मिक अनुष्ठान करने का फैसला लिया था।
कुछ दिन पूर्व हुई बैठक में संतों के सुगम दर्शन का मामला सामने आया था। हालांकि इस व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने सिर्फ इतना बताया कि बाहर से आने वाले ट्रस्ट कार्यालय में पहले से सूचना देंगे तो उन्हें व्यवस्थित दर्शन कराया जाएगा।
- ट्रस्ट का हेल्पडेस्क नंबर : 05278-292000, 8009522111
- ईमेल : contact@srjbtkshetra.org
