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अमिताभ बच्चन के परिवार का अयोध्या से सदियों पुराना संबंध, हरिवंशराय की जड़ों का खुलासा

Published: Wed, 23 Sep 2026 03:25 PM (IST)

प्रख्यात फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन का रामनगरी अयोध्या से गहरा नाता है, उनके पिता हरिवंशराय बच्चन की आत्मकथा में पुरखों ...और पढ़ें

अमिताभ बच्चन और उनके पिता हरिवंश राय बच्चन। (तस्वीर- फाइल)

अमिताभ बच्चन और उनके पिता हरिवंश राय बच्चन। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. अमिताभ बच्चन के परिवार का अयोध्या से पुराना नाता।

  2. हरिवंशराय बच्चन के पुरखे बस्ती के अमोढ़ा गांव से थे।

  3. अयोध्या में पिता की स्मृति में धर्मशाला बनाएंगे अमिताभ।

रमाशरण अवस्थी, अयोध्या। पिता हरिवंशराय बच्चन के नाम से रामनगरी में धर्मशाला बनाने की तैयारी करने वाले प्रख्यात फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन का रामनगरी से नाता कोई नया नहीं है। उनके पिता हरिवंशराय बच्चन की आत्मकथा के पहले खंड ‘क्या भूलूं क्या याद करूं’ में उल्लेख मिलता है कि उनके पुरखे मूल रूप से सरयू के उस पार रामनगरी से सटे बस्ती जिला के अमोढ़ा गांव के रहने वाले थे और कई पीढ़ी पहले प्रतापगढ़ के बाबूपट्टी गए थे।

‘क्या भूलूं क्या याद करूं’ की भूमिका में हरिवंशराय लिखते हैं, लगभग पांच-छह सौ बरस पहले की बात है, बस्ती जिले के अमोढ़ा नामक ग्राम में पांडेय उपजाति का एक बड़ा ही तपोनिष्ठ और तेजस्वी ब्राह्मण रहता था। उसके एक कन्या थी, जो अत्यंत रूपवती थी। उन्हीं दिनों अमोढ़ा से कुछ मील के फासले पर डोमिन दुर्ग नामक स्थान पर डोम राजा उग्रसेन राज्य करता था।

डोम राजा ने जब ब्राह्मण कन्या के अनिंद्य रूप-सौंदर्य की चर्चा सुनी, तब उसने ब्राह्मण के पास यह संदेश भेजा कि वह अपनी बेटी का विवाह उसके साथ कर दे। ब्राह्मण ने परिणाम की परवाह किए बिना डोम राजा के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इस पर डोम राजा ने अमोढ़ा पर चढ़ाई कर दी और ब्राह्मण के पूरे परिवार को बंदीगृह में डाल दिया।

इस बीच ब्राह्मण कन्या ने डोम राजा से कहला भेजा कि मैं तुम्हारे साथ विवाह करने को तैयार हूं, मगर विवाह से से पूर्व मैं अयोध्या की तीर्थ-यात्रा कर आने की आज्ञा चाहूंगी; मेरे माता-पिता को मेरे लौटने तक बंधक के रूप में बंदी रखा जा सकता है।

उन दिनों अयोध्या अवध प्रांत की राजधानी थी, जिसके सूबेदार राय जगत सिंह थे। जगत सिंह श्रीवास्तव कायस्थ थे। अयोध्या पहुंच कर ब्राह्मण-कन्या राय साहब के समक्ष उपस्थित हुई और उसने उन्हें अपनी और अपने परिवार की विपदा सुनाई।

कुमारी कन्या का परित्राण करने की राय साहब ने प्रतिज्ञा की। राय साहब ने एक बड़ी सेना सजाकर डोमिन दुर्ग पर चढ़ाई कर दी, डोम राजा के पूरे परिवार का सफाया कर दिया, और ब्राह्मण को कारागार से मुक्त करके उसको तपः पूत कन्या उसे सौंप दी।

राय साहब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए उस निर्धन और असहाय ब्राह्मण के पास कुछ भी नहीं था। उसने अचानक अपने यज्ञोपवीत की ओर देखा और उसे उतारकर राय साहब के कंधे पर डाल दिया। बोला.इसके द्वारा मैं अपना ‘पांडेय आस्पद आपको प्रदान करता हूं, और आपको ब्राह्मण बनाकर अपनी ब्राह्मण कन्या समर्पित करता हूं।

जगतसिंह के वंशज अमोढ़ा के पांडे के नाम से प्रसिद्ध हुए और दो-तीन शताब्दियों तक अमोढ़ा के ही निवासी रहे। किसी कारण अमोढ़ा के पांडे लोगों के बहुत-से परिवार अपना मूल स्थान छोड़कर दो-ढाई सौ वर्ष पूर्व अवध के विभिन्न नगरों-गांवों में जा बसे। हरिवंशराय बच्चन के पूर्वज भी प्रवर्जन के इसी दौर में अमोढ़ा से प्रतापगढ़ के बाबूपट्टी गांव में जा बसे और वहां से इलाहाबाद गए।

स्मृति में 30 कमरे व चार डारमेंट्री का निर्माण प्रस्तावित

बिग बी ने हाल ही में अभिनंदन लोढ़ा समूह की द सरयू परियोजना में करीब 15 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी है। इस पर पिता की स्मृति में 30 कमरे व चार डारमेंट्री का निर्माण प्रस्तावित है। अयोध्या विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराने की औपचारिकताएं की जा रही हैं।

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