अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा: भाजपाई दिग्गजों के बाद अखिलेश की दस्तक से रामनगरी में सियासत तेज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या में पूर्व मंत्री पवन पांडेय के आवास पर श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होंगे।

HighLights
अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या में पवन पांडेय के यहां कथा में शामिल होंगे।
उनके आगमन से रामनगरी में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
राम मंदिर दर्शन को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज है।
प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही रामनगरी एक बार फिर राजनीति के केंद्र में है। भाजपा जहां संगठनात्मक बैठकों और बड़े नेताओं व मंत्रियों के दौरों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है, तो अब सपा सुप्रीमो अखिलेश की दस्तक से सपा की सक्रियता भी सामने आ रही है। अखिलेश के रामनगरी आगमन पर राम मंदिर जाने या दूरी बनाने के मुद्दे पर चर्चा तेज हो चली है।
यूं तो राम मंदिर मुद्दे को लेकर शुरू से ही भाजपा के लिए ‘पावर हाउस’ रही रामनगरी में बीते रविवार से सियासी तापमान बढ़ा है। केंद्र व प्रदेश सरकार के शीर्ष नेतृत्व व प्रदेश संगठन के नेताओं के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आगमन महज धार्मिक दौरे तक सीमित रहेगा या इसके जरिए सपा कोई राजनीतिक संदेश देगी, इस पर सबकी निगाह है।
अयोध्या दौरे से राजनीतिक संदेश निकलना तय
आठ अक्टूबर को अखिलेश पूर्व मंत्री एवं अयोध्या से आसन्न विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के घोषित प्रत्याशी तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन के कृष्णापुर स्थित आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम में राम मंदिर दर्शन का उल्लेख नहीं है।
ऐसे में चुनावी बेला में उनके अयोध्या दौरे से राजनीतिक संदेश निकलना तय माना जा रहा है। वह हवाई मार्ग से अयोध्या पहुंचेंगे। अयोध्या से पवन पांडेय के प्रत्याशी घोषित होने के बाद सपा अध्यक्ष का उनके घर पहुंचना कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चुनावी संदेश के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है।
रामलला के दर्शन की हिम्मत नहीं: डिप्टी सीएम
रामकथा पार्क में वशिष्ठ फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में शिरकत करने आए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक अखिलेश यादव के दौरे पर सियासी हमला बोल चुके हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि जिन समाजवादियों के कारण रामभक्तों व कारसेवकों के रक्त से सरयू का जल लाल हुआ था, उनमें रामलला के दर्शन की हिम्मत नहीं है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी हनुमान बाग में आयोजित पत्रकार संगठन के कार्यक्रम में सपा पर तुष्टीकरण का आरोप लगा चुके हैं। सोमवार को उदासीन आश्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिना किसी दल का नाम लिए इशारों में पूर्ववर्ती सरकारों पर वार किया। योगी सरकार में शासन और सनातन के उत्कर्ष प्राप्त करने संबंधी उनका बयान काफी चर्चा में रहा। माना जा रहा है कि इन बयानों का जवाब भी अखिलेश रामनगरी में देंगे।
