Yamuna River Flood: औरैया में बाढ़ का खतरा, चंबल-सिंध में पानी बढ़ने से यमुना का बढ़ा जलस्तर
औरैया में चंबल और सिंध नदियों से पानी छोड़े जाने तथा भारी बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने ...और पढ़ें

सिकरोड़ी गांव में यमुना नदी में बढ़ता पानी। जागरण
HighLights
यमुना का जलस्तर 6 मीटर तक बढ़ने की आशंका।
बाढ़ संवेदनशील गांवों में प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता।
अहनैया नदी में जलकुंभी से बहाव धीमा हुआ।
जागरण संवाददाता, औरैया। चंबल और सिंध नदी में अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने तथा राजस्थान व मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश के चलते जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने औरैया व अजीतमल तहसील के बाढ़ संवेदनशील गांवों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। छह मीटर तक पानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही। चेतावनी बिंदु 112 व खतरे का निशान 113 मीटर पर है। सोमवार दोपहर तक जलस्तर 105 मीटर के आसपास रिकार्ड किया गया।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अविनाश चंद्र मौर्य ने रविवार को जारी पत्र में बताया कि केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के अनुसार चंबल व सिंध नदी में अधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया है। इसके चलते यमुना नदी के जलस्तर में करीब छह मीटर तक वृद्धि होने की संभावना है। इससे बाढ़ संवेदनशील गांवों और यमुना नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में खतरा पैदा हो सकता है।

अस्ता गांव से गुजरी यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते उप जिलाधिकारी सदर ब्रह्मानंद। कर्मचारी
संवेदनशील गांवों में स्थापित बाढ़ चौकियों और बाढ़ शरणालयों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को अलर्ट करते हुए बाढ़ से जुड़ी किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, बीडीओ, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने और ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ की आशंका वाले गांव
कई गांवों में हर साल बाढ़ की आशंका बनी रहती है। इनमें जुहीखा, ततारपुर कलां, गोहानी कलां, बड़ैरा, फरिहा, बीझलपुर, असेवा, क्योंटरा, अस्ता, गूंज, रमपुरा, मिश्रपुर, सिखरना, असेवटा, भूरेपुर कलां और बबाइन शामिल हैं। ये सभी गांव यमुना नदी के किनारे बसे हुए हैं। इन गांवों में पानी घुसने का खतरा रहता है।
25 गांवों की फसलों में नुकसान की आशंका
हर साल बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता है। इसके चलते कुछ गांवों में जहां पानी घुस जाता है। यमुना नदी के किनारे करीब
25 गांवों की फसलें डूब जाती हैं। बाढ़ का पानी अपने पीछे तबाही का मंजर छोड़ जाता है। फसलें जहां चौपट हो जाती है।
नेविलगंज-गुनौली में अहनैया नदी का बढ़ा जलस्तर, जलकुंभी से थमा बहाव
संवाद सूत्र, जागरण, अछल्दा: ब्लाक के नेविलगंज और गुनौली गांव के पास से होकर गुजरने वाली अहनैया नदी में जलस्तर बढ़ने के साथ भारी मात्रा में जलकुंभी बहकर आई है। गुनौली के पास पुराने पुल के एक तरफ करीब 150 मीटर तक जलकुंभी जमा होने से नदी के पानी का बहाव धीमा हो गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
पुराने पुल को नुकसान पहुंचने की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार जलकुंभी का वजन बढ़ने और पानी का दबाव अधिक होने से पुराने पुल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं नदी में उतरने वाले मवेशियों के जलकुंभी में फंसने का खतरा भी बना हुआ है। नेविलगंज क्षेत्र में भी नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के खेतों में जलभराव की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलकुंभी हटवाकर नदी का बहाव सुचारू कराने और जलस्तर की निगरानी कराने की मांग की है।
