जागरण संवाददाता, औरैया: बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य की अध्यक्षता में एक गेस्ट हाउस में 'पोषण पंचायत' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पोषण पंचायत में कुपोषित महिलाओं, बच्चों के लिये पुष्टाहार विभाग द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजना व पोषण अभियान के तहत विस्तृत जानकारी दी गई। पोषण वाटिका, पौधारोपण व सुपोषण के लिए योग एवं आयुष के महत्व से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रंजना शुक्ला ने कहा कि महिलाओं को अपने गर्भकाल में ही अपने बच्चे पर ध्यान देना चाहिए। यदि गर्भकाल के समय महिलाएं पौष्टिक भोजन करें, तो इससे बच्चे को पर्याप्त भोजन मिलेगा और पैदा होने पर बच्चे कुपोषित नहीं होंगे। इसलिए गर्भकाल के दौरान महिलाओं को अधिक से अधिक पोषणयुक्त भोजन करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को स्थानीय खाद्य पदार्थों एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक किया। जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि बच्चों, महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए छोटी-छोटी महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हरी सब्जियों व पोषण युक्त भोजन का सेवन करना अति आवश्यक है। कुपोषण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है। इसके लिए महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने भी सभी महिलाओं को कुपोषण से बचाव व सुपोषण संबंधित जानकारी दी। आयोजित पोषण पंचायत में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य व जिलाधिकारी द्वारा दो गर्भवती की गोदभराई की गई। साथ ही दो बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद अवस्थी ने किया।

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