संवाद सूत्र, ककोर : खंड विकास भाग्यनगर के ग्राम तर्रई के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास आवंटन को लेकर धन उगाही का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थनापत्र में जांचकर कार्रवाई एवं पात्र लोगों को आवास दिलाए जाने की मांग की है।

मंगलवार को जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्र को दिए प्रार्थनापत्र में ग्रामीणों ने कहा है कि ग्राम तर्रई में अपात्रों को रुपये लेकर प्रधान आवास आवंटित कर रहे हैं। पात्र व्यक्तियों से आवास के नाम पर 30-30 हजार रुपये की मांग की जा रही है। ऐसे लोगों को आवास दिए गए हैं, जो गांव में रहते भी नहीं है। प्रधान राधा देवी ने अपने पति के नाम आवास दर्ज करवा दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि जब प्रधान से आवास आवंटन की बात की तो 30 हजार रुपये प्रति व्यक्ति देने की मांग की। दिए गए प्रार्थनापत्र में कहा कि वह बेहद गरीब व्यक्ति हैं। प्रधान उनकी मजबूरी का लाभ अपात्रों को धन उगाही कर दे रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से जांचकर पात्रों को आवास दिलाए जाने की मांग की है। विकास कार्यों में होता बंदरबाट

औरैया : जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्र को दिए गए एक अन्य प्रार्थनापत्र में ग्रामीणों ने विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गांव में बनवाई गई सड़कें मानक के अनुरूप नहीं बनी हैं। विकास कार्यों में बेहद धांधली की गई है। घोटाले का बंदरबाट प्रधान, प्रधान पति व सेक्रेटरी के बीच किया गया है। बंबा की तरफ से खड़ंजा बिछाया नहीं गया और पैसा बैंक से निकाल लिया गया। स्ट्रीट लाइटों का कोई काम नहीं हुआ, लेकिन धन खाते से निकल गया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे कई कार्य सूची में दर्ज हैं जिनमें भारी अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से जांचकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

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