विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UPI Payment: 2000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर MDR, औरैया में कारोबारियों ने लगाया 'No UPI, Only Cash' का नोटिस

Published: Sun, 20 Sep 2026 06:02 AM (IST)

15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4% एमडीआर लागू होने से औरैया के कारोबारियों में ...और पढ़ें

अछल्दा बाजार की एक रेडिमेड गारमेंट्स पर चस्पा 'नो यूपीआइ, आनली कैश' नोटिस। जागरण

अछल्दा बाजार की एक रेडिमेड गारमेंट्स पर चस्पा 'नो यूपीआइ, आनली कैश' नोटिस। जागरण  

जागरण टीम, औरैया। 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के पात्र व्यापारी भुगतान पर यूपीआइ के माध्यम से मर्चेंट डिस्काउंट रेट एमडीआर लागू होने की घोषणा के बाद कारोबारियों में भुगतान लागत को लेकर चिंता बढ़ गई है। नई व्यवस्था के तहत 2000 रुपये से अधिक के व्यक्ति से व्यापारी को किए जाने वाले यूपीआइ भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर निर्धारित किया गया है।

75 हजार रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये प्रति लेनदेन रहेगा। ''नो यूपीआइ, आनली कैश'' का रास्ता अधिकांश दुकानदारों व व्यापारियों ने अपनाना शुरू कर दिया है।

नई व्यवस्था में एमडीआर ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, बल्कि संबंधित व्यापारी को इसका भुगतान करना होगा। व्यक्ति से व्यक्ति होने वाले यूपीआइ लेनदेन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। 2000 रुपये तक के पात्र व्यापारी भुगतान भी एमडीआर से मुक्त रहेंगे।

औरैया, अछल्दा, बिधूना, ऐरवाकटरा, बाबरपुर अजीतमल, कुदरकोट, दिबियापुर, फफूंद समेत कई बाजारों में व्यापारी बड़े यूपीआइ भुगतान पर शुल्क को लेकर चिंता जता रहे हैं। कुछ दुकानदारों ने ग्राहकों को नकद भुगतान के लिए प्रेरित करने वाले पोस्टर भी लगाए हैं।

व्यापारियों का कहना है कि इलेक्ट्रानिक्स, कपड़े, किराना, फुटवेयर और आभूषण जैसे कारोबार में बड़ी खरीदारी के दौरान यूपीआइ का इस्तेमाल होता है। ऐसे में एमडीआर से भुगतान लागत बढ़ सकती है। व्यापारी संजय कुमार ने कहा कि बड़े भुगतान पर शुल्क से कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है।

राजू पोरवाल ने कहा कि बड़े भुगतान में यूपीआइ के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए नई व्यवस्था का असर व्यापारियों के खर्च पर पड़ सकता है।

नवरत्न पोरवाल ने कहा कि फुटवेयर कारोबार में अधिक राशि की खरीदारी पर यूपीआइ का इस्तेमाल होता है, जबकि हर्षित पोरवाल ने आभूषण कारोबार में बड़े डिजिटल भुगतान पर शुल्क को लेकर चिंता जताई।

ऐसे समझें एमडीआर

2000 रुपये तक के भुगतान पर एमडीआर नहीं होगा। 3000 रुपये के भुगतान पर 12 रुपये, 10 हजार पर 40 रुपये, 20 हजार पर 80 रुपये, 50 हजार पर 200 रुपये और 70 हजार पर 280 रुपये एमडीआर बनेगा। 75 हजार रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम 300 रुपये शुल्क रहेगा।