जागरण संवाददाता, औरैया : चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई। आचार संहिता लागू होने के साथ ही सरकारी विभागों में सभी नए कार्यों पर रोक लग गई। अब केवल पुराने कार्यों को ही आगे बढ़ाया जा सकेगा। वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शहनाई भी आचार संहिता के चलते अब नहीं बज सकेगी। इसके अलावा जनपद में किसान सम्मान निधि की फीडिग भी रोक दी गई है। यही नहीं अब जनपद में इज्जतघर की सूची में वंचित लोगों को भी शामिल नहीं किया जा सकेगा।

आचार संहिता प्रभावी होने के बाद से नए विकास कार्यों की अनुमति नहीं मिल सकेगी। वहीं सार्वजनिक स्थलों पर आयोजनों पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अगर कोई भी आयोजन किया जाएगा। तो प्रशासन से इसके लिए अनुमति लेनी होगी। सरकारी विभागों में भी योजनाओं का क्रियांवयन तो होगा, लेकिन नए लाभार्थी इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे। ऐसे में वे लोग जो योजनाओं से वंचित हैं उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शहनाई भी आचार संहिता में सुनाई नहीं देगी। योजना में पहले से चयनित जोड़ों का विवाह भी बड़ी सादगी से होगी। न होर्डिंग न बैनर लगवाए जाएंगे और न ही अन्य कोई प्रचार प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश व केंद्र सरकार की किसी भी योजना का प्रचार प्रसार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे कार्यक्रम जिनसे सरकार या पार्टी का प्रचार होता हो वो भी नहीं कराए जाएंगे। इसके अलावा आचार संहिता प्रभावी होने से प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि की फीडिग पर भी ब्रेक लग गया है। बताते चलें कि किसानों की जानकारी फीड करने के लिए कृषि विभाग में दिन रात कार्य चल रहा था। अब अन्य कोई लाभार्थी नहीं जोड़ा जा सकेगा। जिन किसानों का डाटा फीड हो चुका है, उन्हीं के खातों में धनराशि भेजी जाएगी।

Posted By: Jagran