यूपी में कबाड़ से बना 'खिलमिल पार्क' दिवाली पर खुलेगा, सात अजूबों संग दिखेगी आजादी के संघर्ष की झलक
औरैया में यमुना किनारे 7 एकड़ में बना खिलमिल पार्क दीपावली पर खुलेगा। यह पार्क कबाड़ से बना है और ...और पढ़ें

यूपी में कबाड़ से बना 'खिलमिल पार्क' दिवाली पर खुलेगा।
HighLights
यमुना किनारे 7 एकड़ में बना खिलमिल पार्क।
कबाड़ से तैयार विश्व के सात अजूबों की प्रतिकृतियां।
दीपावली पर आम जनता के लिए खुलेगा यह पार्क।
जागरण संवाददाता, औरैया। यमुना किनारे बीहड़ के बीच आकार ले रहा खिलमिल पार्क (वेस्ट टू वंडर पार्क) जिले की नई पहचान बनने के लिए लगभग तैयार है।
करीब सात एकड़ क्षेत्रफल में चार करोड़ 87 लाख की लागत से तैयार हो रहे इस पार्क को दीपावली पर लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस पार्क को कबाड़ और बेकार सामग्री से अनोखी कलाकृतियों के रूप में तैयार किया जा रहा है।
इसमें दुनिया के सातों अजूबों को स्थान दिया गया है। अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने से लेकर देश की आजादी तक के दृश्यों को भी दर्शाया गया है।
दिवाली पर खुलेगा खिलमिल पार्क
नगरोदय योजना के तहत शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर मां मंगला काली मंदिर के समीप पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए खिलमिल पार्क को ऐतिहासिक स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। पार्क में लोग विश्व के सात अजूबे जैसे ताजमहल, एफिल टावर, पीसा की झुकी मीनार, पिरामिड, कोलोसियम, क्राइस्ट द रिडीमर और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी शामिल हैं।
आजादी के संघर्ष की दिखेगी झलक
इसके साथ ही जिले के क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अलावा बीहड़ में आतंक का पर्याय रहे डाकुओं के चलचित्र का भी दीदार कर सकेंगे। यह खिलमिल पार्क बीहड़ की खूबसूरती बढ़ाएगा। खिलमिल पार्क में विभिन्न आकृतियों के निर्माण में कई प्रांतों के कारीगर लगाए गए थे।
सबसे खास बात यह है कि पार्क में तैयार की गईं कलाकृतियां कबाड़ से तैयार की गई हैं। नगर पालिका अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि खिलमिल पार्क लगभग तैयार हो चुका है। दीपावली तक आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जहां लोग स्वस्थ मनोरंजन कर सकेंगे। रात को रंग-बिरंगी लाइटें पार्क की खूबसूरती को और बढ़ाएंगी।
