संवाद सूत्र, रुरुगंज: दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गपकापुर गांव पहुंच गई। टीम ने सभी मरीजों का इलाज कर उन्हें दवाएं वितरित कीं। जिससे गांव वालों ने राहत की सांस ली है। गांव में फैली संक्रामक बीमारियों के चलते एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है।

एक बच्चे की मौत की खबर संज्ञान में आने के बाद एरवाकटरा ब्लॉक की एक टीम ने गांव में जाकर निरीक्षण किया तो उन्हें वहां पर दो दर्जन से अधिक लोग संक्रमण बुखार से पीड़ित मिले। मंगलवार को सुबह एरवाकटरा ब्लॉक की स्वास्थ्य विभाग की एक टीम डॉ. जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में गांव में पहुंची और उन्होंने 24 बच्चों सहित 56 लोगों का चेकअप कर दवाई वितरित की। गांव में हर घर में फैली बीमारी को देखकर डॉक्टरों की टीम दंग रह गयी। उन्होंने तत्काल सभी बीमार व्यक्तियों को दवाई वितरित की। इसके बाद लोगो ने कुछ राहत की सांस ली। दोपहर 1 बजे पहुंची औरैया टीम

दोपहर में औरैया से सात डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची। दोनों टीमों ने मिलकर गांव में बुखार से पीड़ित लोगों का दोबारा चेकअप किया और दवाइयां वितरित कीं। इस मौके पर डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता, डॉ. सरफराज, राजदेव वर्मा, कृष्ण कुमार, अरविन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।

22 लोगों का ब्लड टे¨स्टग को ले गयी टीम

औरैया से पहुंची डॉक्टर की टीम के डॉ. वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने जो 30 मरीजों को दवाइयां दीं हैं। उनमे 22 मरीज मौसमी बुखार से पीड़ित हैं। इन 22 लोगों का ब्लड ले लिया गया। कल तक पता चल जायेगा कि इन लोगों को कौन सा बुखार है। कुछ मरीजों के सिर व हाथ पैर में दर्द ह । सभी को दवाइयां दे दी हैं। जल्द ही स्थिति नियंत्रण में होगी।

सबसे ज्यादा पीड़ित बच्चे

गांव में फैली बीमारी से सबसे ज्यादा पीड़ित बच्चे हैं जो पिछले 8 दिनों से चारपाई पर बुखार से तड़प रहे हैं। कई परिवार के तो 3 से 4 बच्चे इस बीमारी से पीड़ित हैं।

बीमार बच्चों में प्रज्ञा, ललित, प्रतीक्षा, रौशनी, नव्या, प्रियांशी, अनुराग, शबनम, वंश, दीक्षा, दिव्या, जूली, अमृता, नारायण आदि हैं। इनमें से 4 बच्चे तो एक ही व्यक्ति हरिओम के हैं ।

Posted By: Jagran