Delhi PG हादसे में बुझ गया औरैया के घर का चिराग, शव पहुंचा तो फूट पड़ा परिवार, छोटी बहन ने दी भाई को मुखाग्नि
दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत ढहने से औरैया के दिबियापुर निवासी 22 वर्षीय पवन की मौत हो गई। ...और पढ़ें
HighLights
दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसे में औरैया के पवन की मौत
चार बहनों में इकलौते भाई को छोटी बहन प्रियांशी ने दी मुखाग्नि
पवन सीयूईटी पास कर दिल्ली में बीएससी की पढ़ाई कर रहा था
जागरण संवाददाता, औरैया। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर पांच मंजिला पीजी (पेइंग गेस्ट) इमारत ढहने के हादसे में दिबियापुर निवासी 22 वर्षीय पवन की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पवन चार बहनों में इकलौता भाई था। मंगलवार को उसकी छोटी बहन प्रियांशी उर्फ छुटकी ने कस्बा के नहर पटरी स्थित मुक्तिधाम पर सैकड़ो लोगों कीमौजूदगी में भाई को मुखाग्नि दी।
सीयूईटी पास कर बीएससी की कर रहा था पढ़ाई
बाबू दयाराम नगर स्थित कैलाश बाग निवासी पवन पुत्र विशंभर दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसने सीयूईटी (कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) पास किया था और बैचलर आफ साइंस की पढ़ाई कर रहा था। पिता विशंभर सिंह होम्योपैथिक चिकित्सक रहे हैं और करीब आठ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
डाक्टर बनने का सपना था
पवन का सपना भी पिता की तरह डाक्टर बनने का था। बताया गया कि रक्षाबंधन के बाद पवन दिल्ली वापस गया था। रविवार को सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी इमारत भरभराकर गिर गई। पवन भी मलबे में दब गया। सोमवार को स्वजन को हादसे की जानकारी मिली, जिसके बाद उसकी बहन और पिता दिल्ली रवाना हो गए।
इकलौते बेटे की मौत पर स्वजन का रो रोकर बुरा हाल
दोपहर बाद पवन की मौत की सूचना घर पहुंची तो मुहल्ले में मातम छा गया। शव घर आने की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग कैलाश बाग पहुंच गए। हर कोई हादसे की जानकारी लेने और परिवार को सांत्वना देने में जुटा रहा। पवन की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इकलौते बेटे को खोने के गम में पिता समेत सभी स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटी बहन ने अंतिम संस्कार में भाई को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
