जागरण टीम, औरैया: कोरोना संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने का प्रयास जारी है। शुक्रवार को माक ड्रिल के जरिए सौ शैया जिला चिकित्सालय स्थित कोविड एल-2 अस्पताल सहित जिले में बनाए गए अन्य कोविड अस्पताल की तैयारियों का जायजा लिया गया। नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक ने आक्सीजन प्लांट, बेड पर पहुंचाई जाने वाली आक्सीजन सुविधा का बारीकी से निरीक्षण किया। आइसोलेशन वार्ड को जांचा।

नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक लखनऊ डा. प्रह्लाद सिंह ने कोविड एल-2 फैसलिटी में होने वाली माक ड्रिल को देखा। संयुक्त निदेशक ने सभी स्टाफ को प्रशिक्षण देकर कार्य सुधार का निर्देश दिया। इसमें मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. कुलदीप यादव, डा. रोहित सचान, डा. रंजीत कुशवाहा, बाल रोग विशेषज्ञ व अन्य स्टाफ ने प्रतिभाग किया। पीकू व चीकू वार्ड का निरीक्षण किया। कोरोना के मरीजों को इलाज की सुविधाओं व अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। बेला स्थित कोविल एल-वन स्वास्थ्य केंद्र में तैयारियां संतोषजनक मिलीं। नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डा. विक्रम स्वरूप व डा. बीपी शाक्य ने इन्सेंटिव केयर यूनिट और स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारियों को परखा। आइसोलेशन वार्ड में भी ट्रायल किया गया। सीएचसी में कोरोना के इलाज की तैयारियों का जायजा लिया। आक्सीजन आपूर्ति संचालित कर देखी गई। एक बालक को कोविड पीड़ित मानकर माल ड्रिल किया गया। इसके अलावा कोविड केयर वार्ड में उपकरणों व स्टाफ की जांच की गई।

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बच्चों पर संक्रमण का खतरा

चिकित्साधिकारियों ने कहा कि सबसे ज्यादा संक्रमण से बच्चों को बचाया जाना है। इसके लिए अभिभावकों को जागरूक होना पड़ेगा। कोविड के लक्षण दिखने पर किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

Edited By: Jagran