औरैया में नाबालिग से छेड़खानी के दो दोषियों को चार साल की कठोर सजा, सात साल पुराने मामले में फैसला
औरैया के अजीतमल थाना क्षेत्र में सात साल पुराने नाबालिग से छेड़खानी और मारपीट के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है।

HighLights
सात साल पुराने छेड़खानी मामले में आया फैसला।
दो दोषियों को चार साल का कठोर कारावास।
प्रत्येक पर 20,500 रुपये का अर्थदंड भी लगा।
जागरण संवाददाता, औरैया। थाना अजीतमल क्षेत्र में लगभग सात साल पूर्व घर में घुसकर एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी करने, मारपीट कर धमकी देने के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया।
विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी गौरव यादव उर्फ शिव प्रताप व कृष्ण मुरारी यादव को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। प्रत्येक पर 20,500 रुपये अर्थदंड भी लगाया।
उक्त मामले की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पाक्सो मृदुल मिश्रा ने बताया कि वादिनी ने थाना अजीतमल में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें लिखा कि 29 सितंबर 2019 की शाम करीब पांच बजे आरोपित गौरव यादव व कृष्ण मुरारी यादव उसके घर में घुस आए। उसकी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने लगे।
लड़की चिल्लाने लगी तो आवाज सुनकर वादनी व उसके पिता घर में आ गए। उस समय पीड़िता घर के अंदर खाना बना रही थी। शोर सुनकर आरोपित जातिसूचक गालियां देते हुए वादनी व उसके पति की मारपीट करने लगे। जाते समय धमकी दी कि किसी तरह की शिकायत की तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। वादिनी अनुसूचित जाति की है।
इतना ही नहीं जब वह लोग रात्रि आठ बजे थाने में सूचना देने गए तो रास्ते में लौटते समय आरोपितों ने घेरा व समझौता करने का दबाव बनाने लगे। समझौता न करने की बात पर जान से मारने की धमकी दी। तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्जकर बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमे का विचारण विशेष न्यायाधीश न्यायालय में हुआ। शुक्रवार को इसका निर्णय सुनाया गया। इससे पूर्व विशेष लोक अभियोजक मृदुल मिश्रा ने किशोरी के साथ घर में घुसकर छेड़खानी करने वालों को कठोर दंड देने की बहस की।
बचाव पक्ष ने आरोपों को गलत बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने सजा सुनाई। न्यायालय ने जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का आदेश दिया। दोनों दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया।
