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वाराणसी के एमसीएच विंग में पहले लड़का बताया, एक दिन बाद लड़की बताने लगे तो मच गया हंगामा

By Shivam SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 19 Aug 2026 04:51 PM (GMT+05:30)

वाराणसी के एमसीएच विंग में एक नवजात के लिंग को लेकर अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। पहले लड़का ...और पढ़ें

वाराणसी अस्पताल में नवजात के लिंग को लेकर हंगामा पहले लड़का बताया फिर लड़की। (AI Image)

वाराणसी अस्पताल में नवजात के लिंग को लेकर हंगामा पहले लड़का बताया फिर लड़की। (AI Image)

HighLights

  1. नवजात के लिंग को लेकर अस्पताल पर गंभीर आरोप।

  2. पहले लड़का बताया, फिर लड़की कहने पर आक्रोश।

  3. स्वजनों ने डीएनए टेस्ट की मांग की, जांच कमेटी गठित।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रहलाद घाट की गर्भवती सोनी साहनी को 17 अगस्त को एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था। 18 अगस्त को उनकी डिलीवरी हुई। स्वजन का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे उन्हें नहीं सौंपा गया। शाम को अस्पताल प्रशासन ने बताया कि नवजात की तबीयत ठीक नहीं है और उसे आईसीयू में रखा गया है। जब परिवार ने बच्चे के लिंग के बारे में पूछा तो बताया गया कि लड़का हुआ है।

19 अगस्त को अस्पताल की ओर से अचानक यह जानकारी दी जा रही है कि नवजात लड़की है। इस विरोधाभासी जानकारी से स्वजन में भारी आक्रोश फैल गया है। पिता सूरज का कहना है कि पहले लड़का बताकर अब लड़की बताना गंभीर लापरवाही या गड़बड़ी का संकेत है। परिवार ने अस्पताल प्रशासन से स्पष्ट जवाब और बच्चे को तुरंत सौंपने की मांग की है।

स्वजन का कहना है कि नवजात को लेकर अस्पताल की ओर से दी जा रही अलग-अलग जानकारियां उनके विश्वास को तोड़ रही हैं। वे पूरी पारदर्शिता और सही जानकारी की मांग कर रहे हैं। अस्पताल के मैनेजर प्रितेश सिंह ने मामले की संवेदनशीलता को स्वीकार करते हुए बताया कि नर्सिंग स्टाफ रसीदा से जुड़े इस प्रकरण में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है।

कमेटी दो दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जिसकी भी गलती या लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पर‍ि‍जनों की ओर से अब डीएनए टेस्‍ट तक की मांग उठने लगी है। बताया गया क‍ि व‍िभागीय कर्मचार‍ियों का रवैया इस मामले में काफी खराब रहा है। 

स्टाफ नर्स से गलती हुई है। मां-पिता को दिखाया गया और लड़की की जानकारी दी गई। वार्ड में आने के बाद जो फार्म भरा जाता है उसमें मेल-फिमेल कटा हुआ है। वार्ड में दिक्कत जो हुई है उसके लिए कमेटी बना दी गई है। जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।

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डा. आरएन विश्वकर्मा, एमएस, चिकित्सा अधीक्षक, एमसीएच विंग कबीरचौरा।