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औरैया के अछल्दा में 73 करोड़ के बाईपास प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, जाम से मिलेगी निजात

Published: Mon, 28 Sep 2026 12:52 PM (IST)

औरैया के अछल्दा में 73.20 करोड़ रुपये के बाईपास निर्माण ने गति पकड़ी है, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. 73.20 करोड़ रुपये का 1800 मीटर लंबा बाईपास प्रस्तावित है।

  2. ठेकेदार ने प्रस्तावित मार्ग पर मिट्टी के नमूने लिए हैं।

  3. भूमि अधिग्रहण रिपोर्ट भेजी गई, जाम से मिलेगी राहत।

संवाद सूत्र, औरैया। अछल्दा कस्बे के 13-बी रेलवे क्रॉसिंग पर बार-बार लगने वाले जाम से राहत की उम्मीद बढ़ गई है। करीब 73 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से 1800 मीटर लंबे बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को ठेकेदार की ओर से प्रस्तावित मार्ग पर मिट्टी के नमूने लिए गए। वहीं रविवार को रेलवे क्रासिंग पर करीब 20 मिनट तक लगे जाम में राहगीर फंसे रहे।

शनिवार को ठेकेदार की टीम ने इनायतपुर गांव के पास नहर पटरी के आसपास अलग-अलग स्थानों पर करीब 65 फीट गहरी बोरवेल कर मिट्टी के नमूने एकत्र किए। नमूनों की जांच मिट्टी की बियरिंग कैपेसिटी और मजबूती परखने के लिए कराई जाएगी। नमूने जांच के लिए लखनऊ की लैब भेजे जाने की बात कही गई है।

वहीं भूमि अधिग्रहण को लेकर तहसील स्तर से तैयार रिपोर्ट सेतु निगम को भेजी जा चुकी है। भूमि मूल्यांकन और अन्य औपचारिकताओं के बाद बैनामा प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। बाईपास के लिए भूमि की पैमाइश, चिन्हांकन और रकबा निकालने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निर्माण के लिए शटरिंग भी पहुंच चुकी है।

रविवार को सुबह करीब पौने 11 बजे अछल्दा रेलवे क्रासिंग 13-बी पर ट्रेनों के आवागमन के चलते जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की कतार लगने से राहगीरों को परेशानी हुई।

करीब 20 मिनट बाद क्रासिंग खुलने पर यातायात सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास बनने से क्रासिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा। सेतु निगम अवर अभियंता मोनू ने बताया कि ठेकेदार द्वारा मिट्टी परीक्षण कराया गया होगा अभी सेतु निगम द्वारा कोई परीक्षण नहीं हुआ है।

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प्रमुख घटनाक्रम

  • 20 दिसंबर 2025 को शासन से स्वीकृति
  • 2 जनवरी 2026 को प्रथम सर्वे
  • 23 जनवरी को संयुक्त सर्वे
  • 21 फरवरी को सीमांकन
  • 5 जून को चिन्हांकन
  • 1 जुलाई को पैमाइश,
  • 13 अगस्त को रकबा निकाला गया
  • 21 सितंबर को तहसील से रिपोर्ट भेजी गई
  • 27 सितंबर को ठेकेदार ने मिट्टी के नमूने लिए