गजरौला : पहाड़ी जलाशयों से भारी मात्रा में पिछले दो दिन से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा उफान पर है। उसका पानी खेतों में घुस गया है। कई गांवों के रास्तों की सड़कें जलमग्न होने से ग्रामीणों के सामने दिक्कत पैदा होने लगी है। शुक्रवार की भोर से हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को हरिद्वार बैराज से चार लाख क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया। रात में हरिद्वार से पानी की मात्रा कम हुई तो बिजनौर ने पानी का डिस्चार्ज लेवल बढ़ा दिया। एक लाख क्यूसेक के बाद तीन लाख क्यूसेक से ऊपर पानी छोड़ा। रविवार की सुबह पांच बजे हरिद्वार से दो लाख 16 हजार 148 क्यूसेक जबकि बिजनौर बैराज से चार लाख 25 हजार 507 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इससे गंगा उफान पर आ गई है। गंगा का पानी अत्यधिक तेज बहाव के साथ समीप के खेतों व रास्तों की तरफ बढ़ने लगा है। इससे काफी ग्रामीणों की फसल जलमग्न हो गई है। वहीं उनमें बेचैनी बढ़ गई है।

मंडी धनौरा तहसील के गांव दारानगर, शीशोवाली, जाटोवाली, ढाकोवाली, चकनवाला इत्यादि के किसानों ने खेतों से दूरी बना ली है। वहीं तेज बहाव को देखते पशुओं को भी गंगा की तरफ नहीं जाने दिया। दारानगर के तेजपाल, शीशोवाली के रामपाल ने बताया कि गंगा में पानी काफी बढ़ गया है। हजारों एकड़ फसल में बाढ़ का पानी घुसने के बाद गांव के रास्तों की तरफ बढ़ रहा है। इधर तिगरी में एसडीओ बाढ़ अजय जैन व जेई अनवार बहादुर खां अपने स्टाफ के साथ डेरा डाले रहे। तिगरी में गंगा की गेज दो सौ के पार, झोपडि़यां जलमग्न

गजरौला : जलस्तर बढ़ने के बाद मां गंगे ने रौद्र रूप दिखाना शुरु कर दिया है। गंगा के उफान मारने से तिगरी में गंगा की गेज 200.20 तक पहुंच गई है। हालांकि यहां खतरे का लाल निशान 202.42 पर है। इस हिसाब से विभाग अभी सबकुछ सामान्य मान रहा है लेकिन लगातार जलस्तर बढ़ने से यहां पानी घाटों की सीमा लांघ कर रास्ते तक पहुंच गया है। पुरोहितों की झोपडियां व दुकानें जलमग्न हो गईं। उनका सामान ग्रामीणों ने मशक्कत कर बाहर निकाला। चूंकि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यही हाल चकनवाला से गांव शीशोवाली-ढाकोवाली की ओर जाने वाले रास्ते का है। हरिद्वार व बिजनौर बैराज से लगातार पानी डिस्चार्ज करने से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। अभी जलस्तर में कमी के कोई संकेत नहीं है। सुबह तक पानी और बढ़ने के ही संकेत मिल रहे हैं। प्रशासन व बाढ़ नियंत्रण विभाग का अमला गंगा के बहाव व जलस्तर पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं।

मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ नियंत्रण खंड, मुरादाबाद।

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