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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी के इस जिले में किसानों की जमीनों पर मंडरा रहा खतरा, निशान लगाने पहुंचे अधिकारी- धोना पड़ेगा भूमि से हाथ!

By Rahul KumarEdited By: Mohammed Ammar
Published: Mon, 09 Oct 2023 07:03 PM (IST)

Kisano ki zameen मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी मामले में अभी तक कुछ नहीं हो पाया है। सोमवार को ...और पढ़ें

Krishi Land : किसान इस भूमि पर चार गुना अधिक मुआवजा मांग रहे हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Krishi Land : किसान इस भूमि पर चार गुना अधिक मुआवजा मांग रहे हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. रामपुर घना गांव में मध्य गंगा नहर की जमीन के लिए होनी थी निशानदेही
  2. किसान बोले, चार गुणा मुआवजा मिलने के बाद ही जमीन पर होगा कोई कार्य

संवाद सूत्र, जोया। सोमवार की शाम सिंचाई विभाग के अधिकारी मध्य गंगा नहर की जमीन की पैमाइश व निशानदेही के लिए रामपुर घना पहुंचे। पता चलते ही किसान भारी संख्या में मौके पर पहुंच गए और जमकर विरोध किया। मामले की नजाकत को भांपते हुए अधिकारी वापस लौट गए। इधर किसानों ने स्पष्ट कह दिया है कि जब तक चार गुणा मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक जमीन पर कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा।

किसान कर रहे मुआवजे की मांग

तीन गांवों रामपुर घना, कूबी व मोहनपुर में मध्य गंगा नहर खोदाई का कार्य किसानों के विरोध की वजह से बंद पड़ा है। किसान मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से चार गुणा मुआवजे की मांग कर रहे हैं जबकि, प्रशासन उनको वर्ष 2011 के हिसाब से मुआवजा उपलब्ध करा रहा है। इसी बात को लेकर किसान काफी दिनों से कूबी गांव में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।

सीएम से मुलाकात भी रही बेअसर

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मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी मामले में अभी तक कुछ नहीं हो पाया है। सोमवार को शाम चार बजे सिंचाई विभाग के अधिकारी रामपुर घना गांव के जंगल में जाकर मध्य गंगा नहर के लिए जमीन की निशानदेही के कार्य में जुट गए और चूना डालने लगे। इसकी भनक जैसे ही किसानों को लगी वैसे ही भारी संख्या में किसान मौके पर आ गए। विरोध करते हुए उन्होंने कार्य को रुकवा दिया।

इस बीच अधिकारियों ने उनको समझाने की कोशिश की लेकिन, किसानों ने कह दिया कि पहले चार गुणा मुआवजा दिलाओ, उसके बाद ही नहर की खोदाई व अन्य कार्य करो।

इससे पहले कुछ भी नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद अधिकारी वापस लौट गए। इस दौरान मायाराम सिंह, गुरदेव सिंह, काविंद्र सिंह, मदन, विजय सिंह, मेराजुल नसाब, मोहम्मद रफी, अश्विन कुमार, बृजपाल सिंह, जयवीर सिंह, सतराज सिंह, परम सिंह, मुकेश चौधरी, अशोक कुमार आदि किसान मौजूद रहे।