Tigri Mela 2026: VIP रोड बनकर तैयार, श्रद्धालुओं के लिए 10 बेड का अस्पताल और 35 डॉक्टर रहेंगे तैनात
तिगरी गंगा मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें वीआईपी रोड का निर्माण पूरा हो चुका है और अन्य ...और पढ़ें

गजरौला तिगरी मेला पर रोड बनाने का कार्य करते मजदूर। सौ ग्रामीण
HighLights
महिला और पुरुष मरीजों के लिए पांच-पांच बेड की रहेगी व्यवस्था
संवाद सहयोगी, गजरौला (अमरोहा)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तिगरी गंगा मेले की तैयारियां धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी हैं। बुधवार को मेले में वीआइपी रोड का निर्माण कार्य पूरा हो गया, जबकि अन्य मार्गों पर सड़क बनाने का काम तेजी से चल रहा है। सड़कों के निर्माण के दौरान कुछ स्थानों पर दलदल होने के कारण ट्रैक्टर फंस रहे हैं, जिससे चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर तिगरी गंगा धाम में आयोजित होने वाला यह मेला अपने दिव्य और भव्य स्वरूप के लिए उत्तरी भारत में विशेष पहचान रखता है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे राजकीय मेले का दर्जा भी दिया है। मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से तैयारियों को समय से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

पिछले दिनों जिलाधिकारी ने मेला समिति की बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से मेला स्थल पर तैयारियों में तेजी आई है।
बुधवार को भी मजदूर सड़कों के निर्माण में जुटे रहे। मार्गों को मजबूत बनाने के लिए पहले कच्ची सामग्री डाली जा रही है, इसके बाद मिट्टी डालकर सड़क को तैयार किया जा रहा है।
हालांकि, कई स्थानों पर अभी दलदल की समस्या बनी हुई है। ऐसे में मार्गों को तैयार करने के साथ ही वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना भी चुनौती बना हुआ है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद घाटों को तैयार करने का काम किया जाएगा।
तिगरी मेले में बनेगा 10 बेड का अस्थायी अस्पताल, 35 चिकित्सक रहेंगे तैनात
ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में 10 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें पांच बेड महिलाओं और पांच बेड पुरुषों के लिए आरक्षित रहेंगे।
श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए 35 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा छह फार्मासिस्ट और 22 पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा। ये कर्मचारी तीन शिफ्टों में सेवाएं देंगे।
मेले में एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी। गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में घायल लोगों को जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के गंगा में आस्था की डुबकी लगाने की उम्मीद है। हालांकि, मेला इससे करीब एक सप्ताह पहले ही शुरू हो जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने स्वजन के साथ तिगरी पहुंचकर डेरा जमाते हैं।
ऐसे में मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखना स्वास्थ्य विभाग के लिए अहम है। इसी को देखते हुए विभाग ने व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी शुरू कर दी हैं। डिप्टी सीएमओ डा. योगेंद्र सिंह ने बताया कि मेले में 10 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया जाएगा।
इसमें महिला और पुरुष मरीजों के लिए पांच-पांच बेड की व्यवस्था रहेगी। मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए 17 से 25 नवंबर तक तीन शिफ्टों में 35 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।
इसके साथ ही छह फार्मासिस्ट जीवनरक्षक दवाओं और जरूरी उपकरणों के साथ तैनात रहेंगे। छह राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीमों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आक्सीजन और ईसीजी की भी रहेगी सुविधा
मेले में सांस संबंधी परेशानी से जूझने वाले मरीजों के लिए आक्सीजन की व्यवस्था की जाएगी। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे पर्याप्त आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा मरीजों की जांच के लिए ईसीजी मशीन भी रखी जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल जांच की जा सके।
