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तिगरी गंगा मेला इस बार होगा और भी भव्य, पहली बार पैंटून पुल से पार जा सकेंगे श्रद्धालु, मिले 5.50 करोड़

Published: Thu, 24 Sep 2026 10:11 PM (IST)

अमरोहा में तिगरी गंगा मेला इस बार 5.50 करोड़ रुपये के बजट के साथ और भी भव्यता से आयोजित होगा। ...और पढ़ें

गजरौला तिगरी में गंगा का जलस्तर। जागरण

गजरौला तिगरी में गंगा का जलस्तर। जागरण

HighLights

  1. 7.20 करोड़ का भेजा था प्रस्ताव, भव्यता से होगा मेले का आयोजन

  2. तिगरी से गढ़मुक्तेश्वर मेला को जोड़ने के लिए बनाए जाएंगे पैटून पुल

जागरण संवाददाता, अमरोहा। तिगरी गंगा मेला को सजाने और संवारने के लिए करीब 5.50 करोड़ रुपये का बजट शासन ने उपलब्ध करा दिया है। जबकि, प्रशासन ने सात करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए भेजा था। इस बार गंगा मेला और भी आकर्षक व भव्यता से सजेगा।

ऐसा इसलिए भी रहेगा क्योंकि, पहली बार वेस्ट यूपी के दो बड़े मेलों गढ़मुक्तेश्वर और तिगरी गंगा मेलों को पैटूल पुल के सहारे जोड़ा जाएगा। इधर के श्रद्धालु गंगा पार जा सकेंगे और गंगा पार के तिगरी मेला में आकर पूजा-अर्चना के साथ-साथ मनोरंजन के संसाधनों का जमकर लुत्फ उठा सकेंगे।

तिगरी गांव में गंगा किनारे की रेती पर हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर मेला का आयोजन होता है। दूसरी तरफ हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में भी गंगा किनारे मेला लगता है। दोनों मेलों में लाखों श्रद्धालु गंगा में पुण्य की डुबकी लगाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों मेलों को जोड़ने के निर्देश अफसरों को दिए थे। जिस पर हापुड़ डीएम कविता मीणा व अमरोहा डीएम डाॅ. नितिन गौड़ ने तकनीकी टीम के साथ तिगरी में बैठक की थी और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया था।

दोनों मेलों को पैंटून पुल के सहारे जोड़ा जाएगा। इसके लिए दोनों जिलों के डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया था। इसके अलावा प्रशासन ने मेला को भव्यता से कराने के लिए लगभग 7.20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन के पास भेजा था।

इसमें से शासन ने 5.50 करोड़ रुपये की धनराशि प्रशासन को भेज दी है। अन्य राशि भी जल्द मिलने की उम्मीद है। एडीएम वित्त एवं राजस्व गरिमा सिंह ने बताया कि कुछ धनराशि मिली है।

चूंकि, मेला नवंबर में होगा। इसलिए अगले माह से तैयारियां प्रारंभ कराई जाएंगी। सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर बजट का आवंटन किया जाएगा। पिछले साल मेला का बजट पांच करोड़ था लेकिन, इस बार उसको बढ़ाया गया है।

बेहतर जन सुविधाओं पर रहेगा फोकस

मेला में बेहतर जनसुविधाओं पर प्रशासन का फोकस रहेगा। इसमें शौचालय, चेंजिंग रूम, सुरक्षित स्नान क्षेत्र, पेयजल, विश्राम स्थल एवं प्रकाश व्यवस्था आदि शामिल हैं।

इसके अलावा मेला क्षेत्र के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास के तहत यातायात प्रबंधन, पार्किंग, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं सुंदरीकरण पर भी काम होगा।

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