अमरोहा,जेएनएन: पालिका प्रशासन बारिश के मौसम में 35 जर्जर बिल्डिगों को चिह्नित कर उन्हें ध्वस्त कराने के लिए नोटिस देने की तैयारी कर रहा है। जबकि खुद 130 साल पुरानी अपनी बिल्डिग पर उसका कोई ध्यान नहीं है। बिल्डिग की छत जर्जर हो चुकी है और उससे पानी टपक रहा है। जिससे कर्मियों को काम करना मुश्किल हो रहा है। वह अभिलेखों पर पन्नी आदि डालकर उन्हें सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। यह बात चिराग तले अंधेरा की कहावत को चरितार्थ कर रही है।

बारिश का मौसम आते ही पालिका प्रशासन ने नगर के जर्जर भवनों को चिह्नित करना शुरू कर दिया। अब तक नगर के 35 जर्जर भवनों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस की तैयारी चल रही है, ताकि बरसात में कोई बड़ा हादसा न हो सके। हालांकि, पालिका प्रशासन का अपनी ही 130 साल पुरानी जर्जर बिल्डिग पर कोई ध्यान नहीं है। पालिका की बिल्डिग 1901 में बनी थी और अब उसकी छत जर्जर हो चुकी है। बरसात में उसकी छत से पानी टपककर अंदर कक्षों में गिर रहा है। जिससे सरकारी अभिलेख खराब होने की संभावना के साथ कर्मचारियों को खतरा है। वह जर्जर छत के नीचे बैठकर काम कर रहे हैं। सरकारी अभिलेखों को बचाने के लिए उन पर पन्नी आदि डाल रखी है। जबकि पालिका हर साल करोड़ों रुपये का बजट सड़कों व अन्य सुविधाओं पर खर्च कर देती है। पालिका की बिल्डिग की छत पर 14-15 वें वित्त आयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिग प्लांट बनाया जाएगा। इसके जरिये छत पर गिरने वाला पानी भूगर्भ तक पहुंच जाएगा। इससे छत नहीं टपकेगी।

-मणि भूषण तिवारी, ईओ