अमरोहा : जिला अस्पताल के जिस चिकित्सक ने निजी लैब की जांच रिपोर्ट से खुद को कोरोना संक्रमित होने का दावा किया था वह ट्रूनेट जांच में निगेटिव मिले हैं। दैनिक जागरण में खबर छपने के बाद हरकत में आए सीएमओ ने जांच कराई तो सच्चाई सामने आई। फिलहाल सीएमओ ने चेतावनी देकर चिकित्सक को फिर से ड्यूटी पर भेज दिया।

कोरोना मरीजों के इलाज के लिए निजी कोविड अस्पताल श्री वेंक्टेश्वर में तीन शिफ्टों में चिकित्सकों, फार्मेसिस्टों व स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें जिला अस्पताल के डॉ. उत्कर्ष गोयल की भी 11 मई से पहली शिफ्ट में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ड्यूटी लगी थी। उन्होंने ड्यूटी वाले दिन ही निजी लैब की जांच में अपने आपको पॉजिटिव दिखाकर सीएमओ डॉ. सौभाग्य प्रकाश से छुट्टी मांगी। सीएमओ ने निजी लैब की रिपोर्ट को मानने से इंकार कर दिया।

दैनिक जागरण ने गुरुवार के अंक में पॉजिटिव चिकित्सक कोविड अस्पताल में कर रहे मरीजों का उपचार शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो सीएमओ ने चिकित्सक को तलब कर लिया। जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से उनकी जांच कराई तो वह निगेटिव निकले। इस पर सीएमओ ने चेतावनी देकर उन्हें ड्यूटी के लिए भेज दिया। सीएमओ ने बताया कुछ चिकित्सक ड्यूटी से बचने के लिए निजी लैब से रिपोर्ट तैयार करा रहे हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीएचसी के चिकित्सक भी बनवा चुके रिपोर्ट

अमरोहा : सीएमओ ने बताया कि कई चिकित्सक व कर्मी कोविड ड्यूटी से बचना चाह रहा है। इनमें से कुछ निजी लैब से रिपोर्ट बनवाकर छुट्टी मांगते हैं। बताया इससे पहले भी नगर सीएचसी के एक चिकित्सक की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगाई गई थी, लेकिन ड्यूटी से बचने के लिए वह भी निजी लैब से रिपोर्ट बनवाकर घर बैठ गए थे। बाद में इसकी पुष्टि होने पर उन्हें चेतावनी देकर ड्यूटी पर भेजा गया।

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