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गंगा कटान से बही पूठधाम सतैड़ा मेला स्थल की जमीन, कार्तिक पूर्णिमा मेले के लिए फसलें कटवाएगा प्रशासन

Published: Wed, 21 Oct 2026 04:27 PM (IST)

गंगा नदी के कटान से पूठधाम सतैड़ा में कार्तिक पूर्णिमा मेले की जमीन बह गई है, जिससे प्रशासन के सामने ...और पढ़ें

पूठधाम सतैड़ा में गंगा का कटान। जागरण

पूठधाम सतैड़ा में गंगा का कटान। जागरण

HighLights

  1. पूठधाम सतैड़ा में इस बार कार्तिक पूर्णिमा का मेला लगाने की प्रशासन को रहेगी चुनौती

संवाद सहयोगी, हसनपुर (अमरोहा)। गंगा नदी के पानी के कटान में किसानों की भूमि ही नहीं, बल्कि कार्तिक पूर्णिमा पर पूठधाम सतैड़ा में लगने वाला मेला स्थल भी कट गया है। अब प्रशासन को यहां मेला लगाने की चुनौती रहेगी। मेले के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना व अन्य फसलों को समय से पहले ही कटवाना पड़ेगा।

हसनपुर तहसील क्षेत्र के पूठधाम सतैड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर लोग पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाते हैं। पिछले करीब दो दशक से तीन दिन का मेला भी लगता आ रहा है।

हर साल कई लाख श्रद्धालु गंगा घाट पर पहुंचते हैं। यहां पर बच्चों के मुंडन एवं दीपदान की रस्म भी पूरी की जाती हैं। तहसील प्रशासन ग्राम पंचायत सतैड़ा एवं हसनपुर नगर पालिका के सहयोग से यहां मेले की व्यवस्था कराता है।

इस बार बारिश के मौसम में बाढ़ के दौरान गंगा के पानी ने भूमि का कटान बडे़ पैमाने पर किया है। जिसमें मेला स्थल की जमीन भी पानी में बह गई है।

मेला स्थल तक पहुंचने को रास्ता बनाना भी चुनौती

एक तरफ जहां हसनपुर से लेकर गंगा तटबंध तक करीब पांच किमी लंबी सड़क अत्यंत जर्जर हालत में होने से श्रद्धालुओं को रास्ते से होकर गुजरने की चुनौती है। वहीं, गंगा तटबंध से मेला स्थल तक गंगा क्षेत्र में रास्ता भी बाढ़ के पानी की धार से धराशायी हो गया है।

ग्राम प्रशासक करन सिंह ने वीबी जीरामजी योजना के तहत गंगा तटबंध से मेला स्थल तक रास्ता ठीक कराने के लिए प्रस्ताव पास करके ब्लाक कार्यालय को भेजा है।

सरकार को पूठधाम सतैड़ा में लगने वाले मेले पर ध्यान देने की जरूरत है। यहां पर लंबे समय से मेला लगता आ रहा है। ग्राम पंचायत से व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पाती हैं। - परम सिंह, ग्रामीण।

कार्तिक पूर्णिमा पर पूठधाम पर कई लाख श्रद्धालु आते हैं। मेले की बेहतर व्यवस्था कराई जाए। - फूल सिंह, ग्रामीण।

हसनपुर से लेकर गंगाचोली होते हुए गंगा तटबंध तक की सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। यहां पर सड़क का सुंदरीकरण व चौड़ीकरण कराया जाए। - पूरन सिंह, ग्रामीण।

पूठधाम सतैड़ा मेले से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। बीस वर्ष से अधिक समय से मेला लगता चला आ रहा है। प्रशासन और सरकार को मेला पर ध्यान देना चाहिए। - बलवीर सिंह, ग्रामीण।

 

कार्तिक पूर्णिमा से पहले पूठधाम सतैड़ा का निरीक्षण कर मेला लगाने के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। रास्तों की मरम्मत कराने को भी संबंधित जिम्मेदारों को निर्देशित किया जाएगा।

- हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम, हसनपुर।


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