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हादसे में गंवाया पैर, ट्रायल पास करके भी टूटा पैरा ओलंपिक का सपना; अब अमरोहा के कार्तिक का अगला लक्ष्य उज्बेकिस्तान

Published: Tue, 20 Oct 2026 07:07 PM (IST)

अमरोहा के पैरा एथलीट कार्तिक चाहल का जापान पैरा ओलंपिक में कोटा न मिलने से खेलने का सपना टूट गया, ...और पढ़ें

पुणे में डिस्कस थ्रो का अभ्यास करते अमरोहा के पैरा एथलीट कार्तिक चाहल। स्रोत स्वयं

पुणे में डिस्कस थ्रो का अभ्यास करते अमरोहा के पैरा एथलीट कार्तिक चाहल। स्रोत स्वयं

HighLights

  1. विश्व चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे गांव नरैना कलां के पैरा एथलीट

जागरण संवाददाता, अमरोहा। जापान पैरा ओलंपिक खेलों में भारतीय एथलीट की दमदार शुरूआत रही है। जिले के गांव नरैना कलां निवासी पैरा एथलीट कार्तिक चाहल को वहां न जाने का अफसोस तो है, लेकिन साथी खिलाडियों की सफलता पर खुश हैं। दरअसल ट्रायल में उनकी तीसरी रैंक थी तथा जापान जाने का रास्ता भी साफ था।

मगर, पैरा ओलंपिक आयोजकों ने तीसरी रैंक के खिलाड़ियों के लिए कोटा जारी नहीं किया। जिसके चलते वहां खेलने क उनका सपना पूरा नहीं हो सका। अब वह पुणे में रहकर जून 2027 में उज्बेकिस्तान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारी में जुटे हैं।

अमरोहा के गांव नरैना कलां निवासी किसान तरुण चाहल के बेटे कार्तिक चाहल ने वेट लिफ्टर के रूप में एथलेटिक्स में करियर बनाने की शुरूआत कोच सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में की थी।

राष्ट्रीय स्तर पर वेट लिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतने वाले कार्तिक ने डिस्कस थ्रो में भी हाथ आजमाया। जिसमें वह सफलता की सीढ़ी चढते गए। 2016 में कर्नाटक में कांस्य पदक जीता। परंतु किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

नवंबर 2022 में वह हादसे का शिकार हो गए तथा बाएं पैर का पंजा कट गया। एक समय लगा कि करियर खत्म हो गया। तीन साल तक उपचार कराया। स्वजन व कोच ने हौसला बढ़ाया तो खुद ने भी हिम्मत दिखाई।

बतौर पैरा एथलीट फिर से मैदान पर उतरे। 2025 में सोनीपत में कोच अरुण सिंह से कोचिंग लेना शुरू कर दिया। इसी साल खेलो इंडिया में प्रतिभाग करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक जीता।

2026 में दिल्ली में वर्ल्ड ग्रांड प्रिक्स में चौथे स्थान पर रहे। मार्च 2026 में उड़ीसा में नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। जापान पैरा ओलंपिक के लिए ट्रायल दिया तो तीसरा स्थान मिला तथा वहां जाने के लिए हरी झंडी मिल गई।

कार्तिक ने बताया कि जापान से तीसरे स्थान वाले खिलाड़ियों के लिए कोटा जारी नहीं किया गया। जिसके चलते वह नहीं जा सके। फिलहाल वह पुणे में कोच लखविंद्र सिंह के नेतृत्व में जून 2026 में उज्बेकिस्तान में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं।

जापान पैरा ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के पदक जीतने पर उन्होंने बताया कि इस बार हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मैं नहीं जा सका, लेकिन उन्हें खेलते देख रहा हूं।

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