अमरोहा: गोकुशी पर अंकुश, पुलिस मुठभेड़, अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा, एक तमंचा व दो कारतूस का खेल। इस प्रकार की कार्रवाई करने में अमरोहा पुलिस का रिकार्ड बेहतर है। कागजों में मजबूत रिकार्ड बनाकर चौधराहट कायम रखने वाली जिले की पुलिस की मूंछों को चोरी की छह बड़ी घटनाएं नीचे कर रही हैं। जबकि बदमाश ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर मूंछों को ताव दे रहे हैं। इन छह वारदातों का पर्दाफाश करने में पुलिस हांफ गई है। वर्ष 2019 के दिसंबर से लेकर अब तक जिले की पुलिस ने तमाम वारदातों का पर्दाफाश किया है। परंतु इन छह वारदातों का सुराग नहीं लगा सकी है। हसनपुर में हुई लूट की एक वारदात का पर्दाफाश करने के लिए तो पुलिस दूसरे राज्यों की दौड़ भी लगा चुकी है। परंतु नतीजा सिफर है। देहात के गांव रामनगर में हुई चोरी की दो बड़ी वारदातों की फाइल बंद हो चुकी है। जबकि बीते माह नगर में सेवानिवृत्त शिक्षक के घर से लाइसेंसी बंदूक व पांच लाख की नकदी चोरी होने की वारदात को भी भूल चुकी है। अब डिडौली में चोरों ने कोतवाली के नजदीक 35 लाख रुपये की चोरी को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे दी है। चोरी व लूट की छह अनसुलझी वारदात पर एक नजर:- घटना-1

देहात थाना क्षेत्र के गांव रामनगर में दिसंबर 2019 को चोरों ने एक साथ चार घरों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इनमें भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष के चाचा का घर, कस्टम अधिकारी का घर व एक सिपाही का घर शामिल है। इन घरों से चोरों ने नकदी समेत 40 लाख रुपये का सामान चोरी किया था। पुलिस ने काफी हो-हुज्जत के बाद चोरी की रिपोर्ट दर्ज की थी। उसके बाद से अभी तक घटनाओं का पर्दाफाश नहीं किया जा सका है। घटना-2

जनवरी 2020 में चोरों ने देहात थाना क्षेत्र में बंबूगढ़ चौराहे पर भाजपा नेता के मकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। हैरत की बात यह है कि जिस मकान में चोर घुसे थे उसमें देहात थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष, आबकारी विभाग के निरीक्षक व एक दमकल कर्मी का परिवार रहता था। चोरों ने इन तीनों के घरों से लगभग 15 लाख रुपये का सामान चोरी किया था। चूंकि मामला स्टाफ से जुड़ा था, लिहाजा घटना की रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की गई थी। ऐसे में पर्दाफाश होने का सवाल ही नहीं उठता। घटना-3

अक्तूबर 2020 में चोरों ने देहात थाना क्षेत्र के गांव रामनगर में फिर से धावा बोला। इस बार चोरों ने शिक्षक भाइयों के घर को निशाना बनाया। यहां से भी चोर नकदी समेत लगभग 20 लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने सत्ताधारी दल के नेताओं व शिक्षक संघ के दवाब में आकर रिपोर्ट तो दर्ज कर ली थी लेकिन, अभी तक चोरी करने वाले बदमाशों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इस घटना को भी पुलिस लगभग भूल चुकी है। घटना-4

हसनपुर नगर में रहरा अड्डा पर बीते साल दीपावली की रात बदमाशों ने पांच घरों को निशाना बनाया। लूट के दौरान विरोध करने पर बदमाशों ने रमेश कुमार को गोली मार दी। लगभग 10 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया गया था। तत्कालीन एसपी डा. विपिन ताडा ने तीन टीम का गठन किया था। यह टीम बदमाशों की तलाश में दिल्ली, हरियाणा व मध्य प्रदेश तक गई थीं परंतु अभी तक अनसुलझी है। घटना-5

देहात थाना क्षेत्र के गांव कैलसा में सीआरपीएफ के जवान का परिवार रहता है। अन्य स्वजन दूसरे गांव में रहते हैं। बीते साल चोरों ने उनके घर के ताले तोड़ लिए थे। यहां से चोर नकदी व जेवरात समेत लगभग 10 लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन, पर्दाफाश करने में सांस फूल गई। अभी तक घटना का पर्दाफाश नहीं किया गया है। घटना-6

बीते माह चोरों ने नगर कोतवाली के मुहल्ला चौक में रहने वाले सेवनिवृत्त शिक्षक वीरेंद्र पाठक के घर से पांच लाख रुपये की नकदी व लाइसेंसी बंदूक चोरी कर ली। घटना के समय वीरेंद्र पाठक व उनकी पत्नी नोएडा में रहने वाले बेटे के पास गए थे। पुलिस ने आनन-फानन में रिपोर्ट दर्ज कर औपचारिकता तो पूरी कर ली लेकिन, अभी तक चोरों को नहीं पकड़ा जा सका है। लाइसेंसी बंदूक भी बरामद नहीं हो सकी है।

चोरी की वारदात का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस काम कर रही है। कई टीमें सुरागरसी में लगी हैं। जल्दी ही घटनाओं का पर्दाफाश किया जाएगा।

सतीश चंद्र पांडे, सीओ सदर।

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