अमरोहा: कोरोना के संक्रमण से मृत्यु पर आपदा राहत मोचन निधि योजना का लाभ नहीं मिलने वाला है। इस संबंध में कोई शासनादेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल खबरें भ्रामक हैं।

सरकार द्वारा दैवीय आपदा राहत मोचन निधि योजना चलाई जा रही है। इसके तहत आंधी, तूफान, वर्षा, आग, बाढ़ व पानी में डूबने वाले व्यक्ति के स्वजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पिछले साल 15 लोगों को इसका लाभ मिला था लेकिन, अब लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। कोरोना से मृत्यु को सरकार ने आपदा माना है लेकिन, योजना के लाभ में उसको अभी तक शामिल नहीं किया गया है। इसके चलते ही कोरोना से मृत्यु पर चार लाख मिलने की सभी अटकलों पर विराम लग गया है। न ही सरकार ने कोई शासनादेश इसके बारे में जारी किया है। शामली के एडीएम ने मांगा था मार्गदर्शन

जनपद शामली के एक प्रकरण में वहां के एडीएम ने सितंबर 2020 में सरकार से मार्गदर्शन मांगा था। इसमें उन्होंने कहा था कि प्रदीप कुमार उर्फ मनोज पुत्र पूर्ण सिंह निवासी मोहल्ला जोगियान थाना भवन की पत्नी रेखा सैनी की मृत्यु कोरोना वायरस से ग्रस्त होने के कारण हो गई है। उक्त प्रकरण में मृतक व्यक्ति के हिताधिकारी को दैवीय आपदा के अंतर्गत राहत सहायता प्रदान किए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं। इस पर विशेष सचिव ने नवंबर 2020 में निर्देश देते हुए कहा था कि सरकार द्वारा निर्धारित गाइड लाइन में एसडीएआरएफ से कोविड-19 के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर राहत सहायता अनुमन्य किए जाने का प्रावधान नहीं है। कोरोना से मृत्यु पर आपदा राहत से चार लाख रुपये देने का कोई आदेश नहीं आया है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल आवेदन सही नहीं है। इस संबंध में सरकार कोई आदेश देगी तो उस पर अमल किया जाएगा।

विनय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी

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