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शादी के 5 महीने बाद ही उजड़ा सुहाग: डेंगू की चपेट में आकर युवक की मौत, तीन साल पहले भाई को भी खो चुका था परिवार

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:49 PM (IST)

मंडी धनौरा के इब्राहिमपुर गांव में 20 वर्षीय युवक विनीत की डेंगू से ऋषिकेश एम्स में मौत हो गई। पांच ...और पढ़ें

विनीत का फाइल फोटो। स्रोत स्वजन

विनीत का फाइल फोटो। स्रोत स्वजन

HighLights

  1. मेरठ में जांच के दौरान डेंगू एनएस-वन की हुई थी पुष्टि, ऋषिकेश एम्स में उपचार के दौरान तोड़ा दम

संवाद सहयोगी, मंडी धनौरा/कैसरा (अमरोहा)। गंगा खादर क्षेत्र में बुखार का प्रकोप बढ़ने के बीच गांव इब्राहिमपुर निवासी 20 वर्षीय विनीत की ऋषिकेश स्थित एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई। मेरठ में जांच के दौरान उसमें डेंगू एनएस-वन एंटीजन की पुष्टि हुई थी। युवक की मौत से परिवार में चीख-पुकार मच गई। उधर, चिकित्सा अधीक्षक ने इस संबंध में किसी जानकारी से इन्कार किया है।

गांव इब्राहिमपुर निवासी विनीत को 10 अक्टूबर को बुखार आया था। शुरुआत में स्वजन ने निजी चिकित्सकों से उसका उपचार कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 13 अक्टूबर को उसे मेरठ के अल्फा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यहां जांच के दौरान डेंगू एनएस-वन एंटीजन की पुष्टि हुई। अस्पताल में उपचार के बावजूद उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इस पर चिकित्सकों ने 16 अक्टूबर को उसे ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रेफर कर दिया।

स्वजन उसे लेकर एम्स पहुंचे, जहां कई दिनों से उसका उपचार चल रहा था। सोमवार को उपचार के दौरान विनीत ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही स्वजन में मातम छा गया।

छिन गया परिवार का इकलौता सहारा

जिंदगी कब किससे खुशियां छीन ले, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। गांव इब्राहिमपुर के 20 वर्षीय विनीत की मौत ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई शायद ही कभी हो सके।

पांच महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। नई जिंदगी के सपने अभी पूरे भी नहीं हुए थे कि बीमारी ने परिवार की खुशियां छीन लीं। बेटे की मौत से मां राजवती का रो-रोकर बुरा हाल है।

विनीत की शादी पांच महीने पहले बिजनौर जिले के गांव बास्टा निवासी आरती के साथ हुई थी। परिवार में शादी की खुशियां अभी पूरी तरह फीकी भी नहीं पड़ी थीं कि विनीत की मौत की खबर आ गई।

आरती के हाथों की मेहंदी का रंग उतरने से पहले ही उसका सुहाग उजड़ गया। इस घटना से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के अनुसार, करीब 10 वर्ष पहले विनीत के पिता का निधन हो गया था।

इसके बाद तीन साल पहले उसके भाई की भी असमय मौत हो गई। परिवार में कमाने वाला विनीत ही बचा था। उसकी मौत से परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ आर्थिक परेशानी भी खड़ी हो गई है।

बुखार आने के बाद विनीत को पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिलाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ और फिर ऋषिकेश एम्स ले जाया गया।

कई दिनों तक चले उपचार के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। जवान बेटे की मौत से मां राजवती बेसुध हैं, जबकि पत्नी आरती का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना को लेकर शोक व्याप्त है।

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