राहुल शर्मा, अमरोहा। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की आशका जताई जा रही है। शक के दायरे में आए जनपद के 8603 किसानों की जाच के आदेश सरकार ने दिए हैं। साथ ही कृषि विभाग को किसानों के नाम व पते की सूची भी उपलब्ध कराई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग के अफसरों ने तहसील के लेखपालों को जाच पड़ताल के लिए लिस्ट सौंप दी है।

अमरोहा में 2.76 लाख किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 2.38 लाख किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए पात्र थे। पात्र किसानों को सालाना छह हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। 1.96 लाख किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की सातवीं किस्त आ चुकी है जबकि, अन्य के खातों में जल्द ही अफसर धनराशि पहुंचने का दावा कर रहे हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने 8,603 किसानों की नाम व पता सहित सूची कृषि विभाग को उपलब्ध कराई है, जिसमें शामिल किसानों की आंकस्मिक जांच के लिए कहा गया है। सरकार ने लाभार्थियों के चयन में गड़बड़ी की आशंका जाहिर की है। नाम पते की सूची तहसीलों के लेखपालों को किसानों की जांच के लिए सौंप दी है। तहसीलों में बनाई गई हेल्प डेस्क

अमरोहा: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित तमाम समस्याओं को लेकर किसान लगातार कृषि विभाग के चक्कर लगा रहे थे। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग ने प्रत्येक तहसील में हेल्प डेस्क बनाई है। एक-एक कर्मचारी को उस पर तैनात किया है। अब किसान अपनी तहसील में जाकर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसका फौरन निस्तारण होगा। वर्जन -

सरकार से मिली सूची सभी लेखपालों को जांच के लिए दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लाभार्थियों की हकीकत का पता चलेगा। यह आकस्मिक जांच है। इसमें गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की बात जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

ओपी सिंह, उपनिदेशक कृषि

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