इजरायल में लाखों की सैलरी का मिला ऑफर, सत्यापन भी हुआ; फिर आखिरी वक्त में क्यों पीछे हटे यूपी के युवा?
अमरोहा के 14 युवाओं ने इजरायल में नौकरी के लिए आवेदन किया और सत्यापन प्रक्रिया भी पूरी की, लेकिन अंतिम ...और पढ़ें

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HighLights
14 युवाओं ने जाहिर की थी इच्छा और जाने को किया था आवेदन
युवाओं से की गई बातचीत, सभी ने न जाने की अलग-अलग बताई वजह
जागरण संवाददाता, अमरोहा। इजरायल की ओर से भारतीय युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाने की पेशकश के बाद प्रदेशभर से सरकार द्वारा युवाओं को विदेश भेजने की व्यवस्था की गई है। जनपद के 14 युवाओं ने विदेश में नौकरी की इच्छा जाहिर की थी और आनलाइन आवेदन किया था।
जिस पर श्रम विभाग ने युवाओं के कागजों का सत्यापन किया था। पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी लेकिन, फिर युवाओं ने अपने इरादे बदल दिए। किसी ने अपनी वजह दूसरी नौकरी बताई तो किसी ने वेरीफिकेशन को अधूरा बताकर विदेश जाने से किनारा कर लिया।
किसी के स्वजन ने ही जाने की इजाजत नहीं दी। वर्ष 2023 में उनके द्वारा आवेदन किए गए थे। इसके बाद से कोई भी युवा विदेश नहीं गया है। कई बार आवेदन निकले हैं परन्तु किसी ने उनको नहीं भरा है।
जाता तो मजदूरी के 30 हजार नहीं देता ठेकेदार
जमना खास गांव के रहने वाले मोनू कुमार ने बताया कि मन में इच्छा थी कि विदेश में नौकरी कर अच्छा पैसा कमाऊं। लेकिन, मैं दिल्ली में डेकोरेशन का काम करता हूं। मैंने विदेश जाने की बात ठेकेदार को बताई और नौकरी छोड़ने को कहा तो उसने मना कर दिया।
नौकरी छोड़ने पर मजदूरी के 30 हजार रुपये भी देने से इन्कार कर दिया। इसलिए मजबूरीवश विदेश नहीं जा सका। जबकि, मेरे सभी कागजों का सत्यापन हो चुका था। पहले बरेली और फिर लखनऊ कंपनी ने बुलाया था परन्तु गया नहीं।
पासपोर्ट का मामला लटका रहा
अमरोहा के मुहल्ला चकली निवासी अबरार अहमद कारपेंटर हैं। बताते हैं कि सोचा था कि इजरायल में जाऊंगा तो वेतन भी खूब मिलेगा। कुछ साल गुजारने के बाद यही पर अपना कोई नया काम शुरू कर दूंगा।
श्रम विभाग ने सत्यापन की अन्य प्रकि्रया पूरी भी कर दी परन्तु बरेली में पासपोर्ट के आवेदन का मामला पूरा नहीं हो पाया। पासपोर्ट नहीं बना तो परिवार के लोगों ने भी इजरायल जाने से मना कर दिया। अब मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा हूं।
परिवार ने जाने नहीं दिया
गजरौला निवासी अवनीश का कहना है कि पहले परिवार के सभी लोग विदेश में नौकरी के लिए भेजने को राजी हो गए थे। उसके बाद मैंने आवेदन भी कर दिया था।
सत्यापन का काम भी पूरा हो गया था परन्तु, किस्मत में जाना नहीं लिखा था। बाद में परिवार के लोग मना करने लगे। जनपद में ही काम करने को कहा। स्वजन के मना करने पर विदेश नहीं गया। यहीं पर मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहा हूं।
इन युवाओं का श्रम विभाग ने किया था सत्यापन
आस मोहम्मद, मोनू, अबरार अली, कोशिंदर सिंह, लोकेंद्र सिंह, प्रीतम कुमार, नितिन चौधरी, कुलवीर सिंह, सुखविंदर सिंह, प्रमोद सैनी, फिरोज खान, रिकूं सिंह, अवनीश कुमार, दीशांत कुमार।
वर्ष 2023 में विभाग से केवल 14 लोगों का सत्यापन मांगा गया था। सभी की जांच कर रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई थी। इसके बाद कौन विदेश गया या नहीं गया, इसकी कोई सूचना स्थानीय स्तर पर नहीं है। उसके बाद से जनपद से कोई विदेश नौकरी के लिए नहीं गया है। किसी का सत्यापन नहीं मांगा गया है।
- सुभाष भारती, श्रम प्रवर्तन अधिकारी
