अमरोहा: नगर के मुहल्ला अफगानान निवासी इकबाल खान सामाजिक कार्यकर्ता हैं। जज्बा फाउंडेशन के नाम से संस्था भी चलाते हैं। पर्यावरण प्रदूषण को खत्म करने के लिए उन्होंने जागरूकता अभियान चलाया था। दो महीना पहले डीएम बीके त्रिपाठी व एसपी पूनम के सहयोग से जिले में पौधारोपण अभियान शुरू किया। शहर ही नहीं बल्कि गांवों में 10 हजार पौधे लगाए हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में प्रदूषण लोगों के लिए किसी रावण से कम नहीं है। इसे खत्म करने के लिए हमें पौधे लगाने होंगे।

गरीबों का हक डकारने वाले किए बेनकाब

अमरोहा: शहर के मुहल्ला कोट निवासी अधिवक्ता मनु शर्मा ने सरकारी नौकरी करने व रिटायर्ड कर्मचारियों द्वारा गरीबों का राशन हड़पने के मामले का पर्दाफाश किया। इसके लिए उनके द्वारा आरटीआई लगाई, जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने सीएम पोर्टल व समाधान दिवस में शिकायत की। जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। इसके बाद डीएसओ पीएस चौहान ने सभी के राशनकार्ड निरस्त कर दिए और विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित अफसरों को लिखा।

गोतस्करों के खिलाफ लड़ी कानूनी जंग

अमरोहा: रजबपुर के गांव मुहम्मदपुर निवासी बलराज सिंह सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हैं। उनका गोप्रेम मंडलभर के गोतस्करों के खिलाफ कानूनी लड़ाई का अहम हथियार बना। 17 साल से वह गोतस्करी रोकने के लिए अभियान चला रहे हैं। मंडल में स्थित गोशाला में रहने वाले गोवंशीय पशुओं की देखरेख व वहां से होने वाले भ्रष्टाचार यानि पुलिस व गोतस्करों के नेटवर्क को तोड़ने का काम किया है। सूचना का अधिकार कानून के तहत वह गोतस्करी के मामलों में हुए भ्रष्टाचार को उजागर कर चुके हैं।

सरकारी तंत्र की मिलीभगत का खोला राज

अमरोहा: गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के गांव गंगवार के रहने वाले मो.अनस ने विकास कार्यों के नाम पर सचिव द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। इसमें गांव में हैंडपंपों की मरम्मत व रिबोर के नाम पर धनराशि निकाली गई जबकि, उनकी मरम्मत हुई ही नहीं। सचिव ने फर्जी शपथ पत्र लगाकर उनकी शिकायत का निस्तारण कर दिया। अब अफसर सचिव को बचाने में जुटे हैं। अनस, प्रकरण में कार्रवाई कराए बिना हार मानने को तैयार नहीं है। छोटी सी मुहिम खेती में लाई बदलाव

अमरोहा: तहसील क्षेत्र के गांव छावी की रहने वाली हितेश चौधरी की एक छोटी सी मुहिम खेती के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाई है। उनके द्वारा क्षेत्र के किसानों को रासायनिक तरीके की बजाय जैविक विधि से खेती करने के टिप्स दिए गए। जिससे क्षेत्र के 300 किसानों ने जैविक खेती को अपनाया। जैविक उत्पाद बेचने के लिए अब उनके द्वारा 11 किसानों का एफपीओ बनाया गया है। इसके जरिए किसान अपने उत्पाद बेच रहे हैं।

मातृशक्ति ने किया अवैध शराब की बुराई का अंत

गजरौला : हाईवे किनारे के गांव कांकाठेर में महिला शक्ति ने अवैध शराब की बुराई का अंत किया है। गांव की 21 महिलाओं ने समिति बनाकर गांव को शराबमुक्त अभियान शुरू किया। लगभग एक साल तक लड़ी लंबी मुहिम से न सिर्फ गांव शराब मुक्ति हुआ बल्कि घरों में खुशहाली भी लौट आई है। इस महिलाओं की मुहिम से प्रेरित होकर पड़ोसी गांव मोहरका पट्टी, खुगांवली की महिलाएं भी शराब के खिलाफ मुहिम चला रही हैं।

डा. हरिओम शर्मा ने किया नशे की बुराई का अंत

गजरौला : नगर के मुहल्ला बुधबाजार निवासी सेवानिव़ृत्त चिकित्सक डॉ. हरिओम शर्मा लंबे समय से नशे का नाश करने के लिए मुहिम चला रहे हैं। उन्होंने अपनी इस मुहिम के माध्यम से लगभग 50 से ज्यादा लोगों को नशे की बुरी लत से मुक्ति दिलवा दी है। उन्होंने दावा किया है कि जब तक उनकी सांस है। तब तक वह नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहेंगे। प्रदूषण की बुराई को मिटा रहे मुजाहिद

हसनपुर: मुहल्ला कायस्थान निवासी अधिवक्ता मुजाहिद चौधरी प्रदूषण रूपी बुराई को मिटाने में जुटे हैं। वह दूषित हो चुकी बगद नदी के अस्तित्व के लिए भी लड़ाई लड़ रहे हैं। सीएम से लेकर पीएम तक प्रदूषण के मुद्दे उठाए हैं। इसके साथ-साथ वह गरीब बेसहारा एवं दिव्यांगजन को निश्शुल्क विधिक सहायता दिलाने तथा जल एवं वायु प्रदूषण के विरुद्ध धरना प्रदर्शन करने में जुटे हैं। ऊषा कर रहीं कन्या भ्रूण हत्या की बुराई का अंत

हसनपुर : नगर के मुहल्ला कायस्थान की पूर्व सभासद उषा शर्मा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराई से बचने के लिए महिलाओं को जागरूक कर रही हैं। वह महिलाओं एवं युवतियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करके मनचलों की बुराई का अंत करके अच्छाई का कार्य कर रही हैं। वहीं विद्यालयों के बाहर घूमने वाले मनचलों को पुलिस के हाथों पकड़वा देती हैं। करीब दो दशक से वह समाज में फैली बुराई को दूर करने हेतु संघर्ष कर रही हैं। अत्याचार का अंत करने में जुटे सर्वेश

मंडी धनौरा : तहसील में कार्यरत अधिवक्ता सर्वेश शर्मा अपनों के अत्याचार से त्रस्त बुजुर्गों को न्याय दिलाने में जुटे हुए हैं। कुछ लोग बुजुर्ग माता पिता को मारपीट कर घर से निकल देते हैं। उनके खाने पीने व रहने का खर्चा तक नहीं देते। ऐसे बुजुर्गों को अधिवक्ता पिछले पांच साल से न्याय दिलाने में जुटे हुए हैं। अब तक करीब 100 से अधिक बुजुर्गों को उनका हक दिलाने का काम किया है। संकल्प-

दशहरा बुराई पर अच्छाई का प्रतीक पर्व है। इस पर हर किसी को समाज के सतत विकास में भागीदारी निभाने का संकल्प लेना चाहिए। हम भी विकासपरक योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारने का संकल्प लेते हैं। बीके त्रिपाठी, जिलाधिकारी इस दशहरे पर संकल्प लेते हैं कि अपराध मुक्त समाज की कल्पना साकार करेंगे। खासकर महिला उत्पीड़न और उसके खिलाफ होने वाले अपराध पर जीरो टालरेंस की नीति का पालन कठोरता के साथ किया जाएगा। पूनम, पुलिस अधीक्षक

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