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UP Election 2027: हसनपुर में चुनाव से पहले मचा घमासान! BJP-SP से 12+ दावेदार, भाई के खिलाफ भाई मैदान में

Published: Sat, 10 Oct 2026 05:30 AM (GMT+05:30)

हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनाव से पहले ही संभावित उम्मीदवारों ने प्रचार शुरू कर दिया है, जिसमें भाजपा और सपा से 12 से अधिक दावेदार मैदान में हैं।

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HighLights

  1. तीन ने टिकट घोषित होने से पहले ही ई-रिक्शा घुमाकर शुरू किया पार्टी का प्रचार

  2. जगह-जगह संभावितों ने लगाए होर्डिंग व बैनर, बसपा ने घोषित किया प्रत्याशी

राशिद चौधरी, हसनपुर (अमरोहा)। भले ही विधानसभा चुनाव अभी दूर है लेकिन, संभावित उम्मीदवारों ने ताल ठोकनी शुरू कर दी है। 42 हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी ने मुमताज अली उर्फ हाजी भुट्टो को प्रत्याशी बनाया है जबकि, आजाद समाज पार्टी ने शाहनवाज चौधरी को विधानसभा प्रभारी घोषित किया है।

सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी में टिकट के दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। इन दोनों दलों से 12 से अधिक दावेदार खुलकर सामने आ गए हैं।

हसनपुर, सैदनगली व कस्बा उझारी के साथ ही गांव-गांव में उन्होंने अपने हाेर्डिंग लगाकर प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। तीन दावेदारों की स्थिति ये है कि वे ई-रिक्शा से पार्टी के सहारे अपना प्रचार कर रहे हैं।

हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 3.39 लाख मतदाता हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में प्रथम चुनाव 1957 में हुआ था। पहले तीन चुनाव 1957, 1962 तथा 1967 में कांग्रेस के टिकट पर जगदीश प्रसाद विधायक चुने गए थे।

1974 में महेंद्र सिंह बीकेडी, 1977 में रमाशंकर कौशिक जनता पार्टी से चुनाव जीते थे। 1980 में रईसुद्दीन जनता पार्टी से विजयी हुए थे। 1985 में रमाशंकर कौशिक आइसीजे से चुनाव जीते थे।

1989 में रिफाकत हुसैन कांग्रेस से विजयी हुए थे। 1991 व 1993 में तुलाराम सैनी ने भाजपा के टिकट पर विजय हासिल की। 1996 में रिफाकत हुसैन फिर विधायक की कुर्सी पर काबिज हुए थे। 2002 में देवेंद्र नागपाल ने निर्दलीय जीतकर परचम लहराया।

2007 में बसपा से फरहत हसन उर्फ हाजी शब्बन विधायक बने। 2012 में सपा से कमाल अख्तर चुनाव जीतकर कैबिनेट मंत्री बने। जबकि 2017 तथा 2022 में भाजपा से महेंद्र सिंह खड़गवंशी लगातार दो चुनाव जीतकर अब तक विधायक हैं।

वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और सपा में संभावित दावेदारों की लंबी लाइन है। एक ओर जहां वह टिकट पाने के लिए दिल्ली और लखनऊ के चक्कर काट रहे हैं।

वहीं, स्थानीय कार्यक्रमों में भी पार्टी पदाधिकारियों के सामने एक दूसरे से आगे खड़े होने और स्वागत करने की होड़ में लगे नजर आते हैं। कई दावेदारों ने खुद को संभावित प्रत्याशी मानते हुए ई-रिक्शा चलवाकर लाउडस्पीकर से पार्टी का चुनाव प्रचार करना शुरू कर दिया है। मतदाता भी हैरत में हैं कि टिकट की घोषणा से पहले ही हसनपुर में चुनाव प्रचार शुरू हो गया है।

कुर्सी के लिए रिश्तों की डोर पड़ रही कमजोर

विधानसभा पहुंचकर विधायक की कुर्सी पर बैठने के लिए रिश्तों की डोर भी कमजोर होती दिखाई दे रही है। यहां भाजपा विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी के सामने सपा से उनके छोटे भाई ब्लाक प्रमुख राजेंद्र खड़गवंशी टिकट मांग रहे हैं। दोनों भाईयों के बीच राजनीति को लेकर खिंची तलवारें क्षेत्रीय जनता की जुबां पर हैं।

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