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'रूस का नागरिक बताकर झाड़ लिया पल्ला...' लापता अमरोहा के अक्षय की वापसी अब कानूनी अड़चन में फंसी

Published: Thu, 08 Oct 2026 04:15 PM (GMT+05:30)

अमरोहा के अक्षय कुमार, जो छात्र वीजा पर रूस गए थे, कथित तौर पर रूसी नागरिकता दिए जाने के बाद ...और पढ़ें

मंडी धनौरा में बेटे को लेकर भाकियू के नेता दानवीर सिंह के साथ भारत सरकार से गुहार लगाते अक्षय के माता पिता व दादी फाइल फोटो स्रोत स्वजन

मंडी धनौरा में बेटे को लेकर भाकियू के नेता दानवीर सिंह के साथ भारत सरकार से गुहार लगाते अक्षय के माता पिता व दादी फाइल फोटो स्रोत स्वजन

HighLights

  1. स्टूडेंट वीजा पर गए अक्षय को पहले दी गई रूसी नागरिकता फिर सेना में जबरन भर्ती

संवाद सहयोगी, मंडी धनौरा (अमरोहा)। रूस में युद्ध के मोर्चे से लापता गांव फतेहपुर छितरा निवासी अक्षय कुमार का मामला अब एक नए व कानूनी मोड़ पर आ गया है। स्वजन के अनुसार, अक्षय को पहले धोखे से रूस की नागरिकता दिलाई गई और उसके तुरंत बाद उसे रूसी सेना में शामिल कर युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर भेज दिया गया।

अब जब अक्षय पिछले कई दिनों से लापता है, तो उसकी नागरिकता का यही पहलू उसकी सुरक्षित वापसी में सबसे बड़ी कूटनीतिक और कानूनी अड़चन बनता दिख रहा है।

भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 और भारत के संविधान के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक एक समय में केवल एक ही देश की नागरिकता रख सकता है।

नियमानुसार यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से या किसी प्रक्रिया के तहत किसी दूसरे देश की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता तुरंत और स्वत समाप्त हो जाती है।

भारत का कानून दोहरी नागरिकता की अनुमति बिल्कुल नहीं देता है। इसी कानूनी पेच के कारण भारतीय दूतावास (मास्को) के सामने भी प्रशासनिक सीमाएं आ खड़ी हुई हैं।

जब दूतावास ने रूसी रक्षा मंत्रालय से अक्षय को सेना से मुक्त करने का अनुरोध किया, तो रूसी अधिकारियों ने साफ कर दिया कि अक्षय अब आधिकारिक तौर पर रूसी नागरिक है।

उसके पास वहां का पासपोर्ट है, इसलिए उसे रूसी कानून के तहत मुक्त नहीं किया जा सकता। उधर, बेटे से कोई संपर्क न होने और इस कानूनी उलझन की खबर मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए हैं।

स्वजन का कहना है कि अक्षय ने अपनी मर्जी से नागरिकता नहीं ली, बल्कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। स्वजन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि नियमों और कूटनीतिक स्तर पर विशेष ढील देकर उनके बेटे को सही-सलामत भारत वापस लाया जाए।

भारतीय किसान यूनियन की एंट्री से गरमाया मामला

रूसी सेना में फंसे अक्षय कुमार की सुरक्षित वापसी का मुद्दा अब और भी गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की हुंकार के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।

अक्षय को सुरक्षित स्वदेश लाने की मांग को लेकर भाकियू के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेगा।

भाकियू नेताओं का कहना है कि अमरोहा का लाल रूस में गंभीर संकट में है और कूटनीतिक पेचों के कारण उसकी वापसी में देरी हो रही है।

संगठन अब इस मुद्दे को सीधे रक्षा मंत्रालय के समक्ष प्रमुखता से उठाएगा, ताकि केंद्र सरकार कूटनीतिक स्तर पर ठोस कदम उठाकर अक्षय को सही-सलामत भारत वापस ला सके।

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