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हरिद्वार एक्सप्रेसवे के लिए अमरोहा के 52 गांवों में शुरू होगी जमीन की रजिस्ट्री, 555.94 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण

Published: Mon, 19 Oct 2026 08:30 AM (IST)

अमरोहा जिले में हरिद्वार एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। किसानों के दावे-आपत्तियां निस्तारित होने ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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HighLights

  1. अमरोहा में हरिद्वार एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज।

  2. एक सप्ताह में जमीनों के बैनामे होंगे शुरू।

  3. 52 गांवों की 555.94 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत।

जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिले में हरिद्वार एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब आगे बढ़ने जा रही है। एक्सप्रेसवे के लिए चिह्नित जमीनों के बैनामे एक सप्ताह के भीतर शुरू होने की उम्मीद है। किसानों की ओर से दाखिल दावे और आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद जिला प्रशासन ने बैनामे कराने की तैयारी तेज कर दी है।

इस परियोजना के लिए जिले के 52 गांवों के 975 किसानों की 555.94 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जानी है। एक्सप्रेसवे जिले में हसनपुर तहसील के मंगरौला टी-प्वाइंट से शुरू होकर मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र तक जाएगा।

जिले में हरिद्वार एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 49 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसके निर्माण के लिए हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र के गांवों की जमीन ली जाएगी। हसनपुर तहसील के 17 गांव और मंडी धनौरा तहसील के 35 गांव भूमि अधिग्रहण की जद में आएंगे।

इस तरह दोनों तहसीलों के कुल 52 गांवों के किसानों की जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहीत की जाएगी। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत प्रभावित किसानों से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं।

प्रशासन की ओर से इनके निस्तारण की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। अब जमीनों के बैनामे कराने की तैयारी है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी। प्रशासन की योजना एक सप्ताह के भीतर बैनामे शुरू कराने की है। इससे परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ेगा।

किसानों को मिलेगा जमीन का प्रतिकर

एक्सप्रेसवे के लिए जमीन देने वाले किसानों को नियमानुसार प्रतिकर दिया जाएगा। बैनामे की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही भूमि अधिग्रहण से संबंधित कार्य में तेजी आने की संभावना है। हालांकि, प्रत्येक किसान को मिलने वाली प्रतिकर राशि जमीन के रकबे और निर्धारित दरों के आधार पर तय होगी। परियोजना से जुड़े किसानों की निगाहें अब बैनामे की शुरुआत और प्रतिकर भुगतान की प्रक्रिया पर टिकी हैं।

हरिद्वार एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के दावे और आपत्तियों का निस्तारण कराया जा चुका है। अब बैनामे की प्रक्रिया शुरू कराने की तैयारी है। एक सप्ताह के भीतर बैनामे शुरू होने की उम्मीद है। -डॉ. नितिन गौड़, जिलाधिकारी।

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