सरकारी जमीन पर निजी कमाई! वन विभाग की 1000 बीघा जमीन पर कब्जा, ठेके पर उगाई जा रही गन्ने की फसल
उत्तर प्रदेश के गंगेश्वरी तहसील में वन विभाग की करीब एक हजार बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर गन्ने की ...और पढ़ें

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अमरोहा के बिहारीपुर से हैदपुर एतमाली तक सरकारी भूमि पर है कब्जा
संवाद सूत्र, गंगेश्वरी (अमरोहा)। तहसील क्षेत्र में बिहारीपुर से हैदलपुर एतमाली तक वन विभाग की करीब एक हजार बीघा जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया। इसके बाद जमीन को ठेके और बटाई पर देकर खेती शुरू करा दी। इस समय उस पर गन्ने की फसल खड़ी है। ग्रामीणों ने को वन विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
वन विभाग की जमीन पर लंबे समय से कथित रूप से कब्जा होने के कारण सरकारी भूमि का इस्तेमाल निजी खेती के लिए किया जा रहा है। कुछ लोग जमीन पर कब्जा कर उसे दूसरे किसानों को ठेके अथवा बटाई पर देकर आर्थिक लाभ उठा रहे हैं।
यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी संपत्ति का निजी उपयोग होने के साथ ही संबंधित भूमि से जुड़े सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
हालांकि, राजस्व हानि की वास्तविक स्थिति का आंकलन भूमि के अभिलेखों और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से भूमि का सीमांकन कराना चाहिए।
इससे वन विभाग के वास्तविक रकबे, कब्जे वाली भूमि और खाली पड़ी जमीन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि कितनी भूमि पर खेती की जा रही है और कितने समय से उसका उपयोग निजी लाभ के लिए किया जा रहा है।
सरकारी जमीन पर खेती से उठ रहे सवाल
वन विभाग की भूमि का उद्देश्य वन क्षेत्र का संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। ऐसे में यदि वन भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है तो यह वन संरक्षण के उद्देश्य को प्रभावित कर सकता है।
लगातार खेती होने से भूमि के मूल स्वरूप और उस पर पौधरोपण या वन क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, संबंधित क्षेत्र की भूमि की वास्तविक श्रेणी, वर्तमान स्थिति और वहां वन संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी विभागीय जांच से स्पष्ट होगी।
पिछले मई-जून माह में कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उस दौरान वन विभाग की कुछ भूमि को कब्जामुक्त भी कराया गया था। उन्होंने कहा कि शेष रकबे की जांच कराई जाएगी। जांच में जहां भी वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा मिलेगा, उसको हटवाया जाएगा।
- नरेश कुमार, वन रेंजर
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