गंगा एक्सप्रेस-वे से हसनपुर में बिगड़ी यातायात व्यवस्था: सड़कें जाम, पार्किंग न होने से व्यापारी और राहगीर परेशान
गंगा एक्सप्रेस-वे के कारण हसनपुर में वाहनों का दबाव बढ़ा है, जिससे पार्किंग की कमी और अतिक्रमण के चलते गंभीर ...और पढ़ें

हसनपुर में रहरा अड्डे पर लगा जाम। जागरण
HighLights
रोजाना जाम से जूझ रहे लोग और वाहन चालक, जिम्मेदार नहीं दे रहे हैं ध्यान
त्योहारी सीजन व चीनी मिलें चलने पर बढ़ेगा दबाव, पार्किंग की नहीं है व्यवस्था
जागरण संवाददाता, हसनपुर (अमरोहा)। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद हसनपुर में वाहनों का दबाव बढ़ गया है। करीब एक लाख की आबादी वाले शहर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने और सड़कों पर पसरे अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है।
गजरौला अड्डा से संभल अड्डा होते हुए रहरा अड्डा तक आए दिन जाम लगा रहता है। त्योहारी सीजन में बाजार में भीड़ बढ़ने के साथ ही चीनी मिलों के संचालन और गन्ने की ढुलाई शुरू होने पर समस्या और बढ़ने की आशंका है। इसके बावजूद जाम से निपटने के लिए अभी तक कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
रहरा अड्डे पर दिनभर जाम, ओवरब्रिज की उठ चुकी मांग
रहरा अड्डे पर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण और डग्गामार वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जाम की समस्या को देखते हुए विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी सदन में हसनपुर में ओवरब्रिज बनाने की मांग उठा चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात का दबाव लगातार बढ़ने के कारण यहां ओवरब्रिज की जरूरत महसूस होने लगी है।
कार लेकर मेन बाजार से गुजरना मुश्किल
नगर के मेन बाजार में अतिक्रमण और वाहनों की अधिकता के कारण दिनभर जाम की स्थिति रहती है। आंबेडकर पार्क से रहरा अड्डा तक दिन के समय कार लेकर निकलना मुश्किल हो जाता है।
बाजार में रहने वाले लोगों को भी अपने चार पहिया वाहन घर से निकालने और वापस लाने में परेशानी होती है। बाजार में पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
ई-रिक्शा की अधिक संख्या और उनका बेतरतीब संचालन भी जाम का कारण बन रहा है। दिन में बड़े और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद ऐसे वाहन बाजार में पहुंच जाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और बिगड़ जाती है।
पांच प्रमुख समस्याएं
- बाजार में वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।
- जाम में स्कूली वाहन फंसने से बच्चों को स्कूल पहुंचने में देरी होती है।
- मरीजों को लेकर जाने वाले वाहन भी जाम में फंस जाते हैं।
- चार पहिया वाहनों से बाजार से निकलना मुश्किल रहता है।
- त्योहारी सीजन में पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
त्योहारी सीजन और गन्ने की ढुलाई शुरू होने को देखते हुए जल्द योजना बनाकर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। ई-रिक्शा और अन्य वाहनों के संचालन को भी व्यवस्थित कराया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके।
- हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम, हसनपुर।
यह भी पढ़ें- रूसी लड़की के चक्कर में सेना में भर्ती हुआ अमरोहा का अक्षय, यूक्रेन युद्ध से सवा महीने से लापता
