बादाम में फंफूदी तो खोया और पनीर में भी मिलावट, अमरोहा में FSDA की रिपोर्ट ने चौंकाया; ऐसे करें असली-नकली की पहचान
अमरोहा में त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट का खुलासा हुआ है, जहां रक्षाबंधन पर लिए गए पांच ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
त्योहारी सीजन में अमरोहा में खाद्य पदार्थों में मिलावट।
बादाम टुकड़ा, खोया, पनीर के नमूने असुरक्षित पाए गए।
मिलावटखोरों पर कार्रवाई के लिए नोटिस जारी, कोर्ट में वाद।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में खाद्य पदार्थ खरीदते समय बहुत ही सावधानी व एहतियात बरतने की जरूरत है। क्योंकि, मिलावटखोर सीजन में सक्रिय हो जाते हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों की जिंदगी से खेलते हैं।
रक्षाबंधन के त्योहार पर लिए गए पांच नमूनों की जांच रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को प्राप्त हुई है। इसमें बादाम टुकड़ा, खोया व पनीर तक में मिलावट मिली है। उनको असुरक्षित बताया गया है।
यह खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी किए हैं। जवाब नहीं दिए जाने पर उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा।
पांच खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट आई, विभाग ने संबंधितों को जारी किए नोटिस
सहायक खाद्य आयुक्त वीके अग्रवाल ने बताया कि पांच नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें धनौरा क्षेत्र के गांव अम्हेड़ा निवासी रामचंद्र सिंह की मुहल्ला शिवपुरी स्थित दुकान से लिए गए छैना रसगुल्ला, कस्बा उझारी में कनेटा रोड अफजाल की डेयरी के पनीर के नमूने लिए गए थेे।
जवाब नहीं दिए जाने पर सीजेएम कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा कारोबारियों पर वाद
देहात क्षेत्र के सिरसाखुमार गांव निवासी शाकिर अली के प्रतिष्ठान मैसर्स एसए ट्रेडर्स से लिए बादाम टुकड़ा, सैदनगली क्षेत्र के गांव हरसौली निवासी अरविंद की गारापुर अड्डा स्थित श्रीश्याम स्वीट्स से लिया गया खोया व गजरौला के मुहल्ला अवंतिका नगर के मुन्नू सिंह के मैसर्स ओम शिव भोलानाथ डेयरी से लिया गया पनीर का नमूना मिलावटी मिला है। जांच में नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। बादाम में फफूंदी, खोया में मिल्क फैट की मात्रा कम, पनीर में वाहीय वसा की मिलावट, छेना रसगुल्ला में रंग की मात्रा अधिक मिली है।
ऐसे करें असली-नकली की पहचान
- गाढ़े दूध या खोया के कण मोटे, रूखे और सख्त हैं तो इसका मतलब है कि दूध में मिलावट है। साफ्ट और घी जैसे हैं तो दूध की गुणवत्ता अच्छी है।
- दूध में स्टार्च की मिलावट की जांच के लिए पांच एमएल दूध में दो चम्मच नमक या आयोडीन मिला दें। अगर दूध का रंग नीला हो गया तो उसमें स्टार्च की मिलावट है।
- दूध की एक बूंद अपनी अंगुली के टिप पर या किसी झुकी हुई सतह पर रखें और उसे नीचे बहने दें। दूध यदि रुका रहता है और धीरे-धीरे बहता है तो उसमें पानी कम है। अन्यथा पानी बहुत ज्यादा है।
- मिठाई, मावा, दही, पनीर में मिलावट की जांच के लिए कुछ आयोडीन या टिंचर आयोडीन की बूंदे डालें। यदि उसका रंग नीला या बैंगनी हो जाता हे तो समझ जाएं मिलावटी है।
यह हो सकती है दिक्कत
नगर सीएचसी में तैनात परामर्शदाता डॉक्टर मोहम्मद इदरीश ने बताया कि फफूंदी युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से पेट के खराब होने से संबंधित समस्या पैदा हो सकती है। खोया में वसा की मात्रा कम होने से पोषक तत्व कम होते हैं। इससे पाचन व अन्य रोग हो सकते हैं। वाहीय वसा के प्रयोग से किडनी, लीवर से संबंधित दिक्कत हो सकती है।
