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यमुनानगर में दिवाली से पहले 20 क्विंटल संदिग्ध पनीर की खेप बरामद, नहर किनारे गड्ढा कर किया नष्ट

Published: Sat, 17 Oct 2026 10:31 AM (IST)

यमुनानगर में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर 20 क्विंटल संदिग्ध पनीर जब्त किया। इस पनीर को ...और पढ़ें

त्योहार से पहले पकड़ी संदिग्ध पनीर की खेप।

त्योहार से पहले पकड़ी संदिग्ध पनीर की खेप।

HighLights

  1. यमुनानगर में 20 क्विंटल संदिग्ध पनीर बरामद

  2. खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई

  3. पनीर को नहर किनारे गड्ढा खोदकर नष्ट किया गया

अवनीश कुमार, यमुनानगर। फूड सेफ्टी विभाग व थाना शहर यमुनानगर पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह करीब पांच बजे छापा मारकर महिंद्रा पिकअप पकड़ी। गाड़ी में करीब 20 क्विंटल संदिग्ध पनीर लदा मिला।

कलायत निवासी चालक सोनू को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि जिस केंद्र से सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है, उसके संचालक दीपक कुमार की तलाश की जा रही है।

फिलहाल विभाग ने पनीर के सेंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेज दिए हैं, वही पनीर की खेप को पश्चिमी यमुना नहर किनारे गड्ढे में नष्ट कर दिया गया है।

आजाद नगर के नजदीक दशमेश कालोनी में शनिवार सुबह उस समय कार्रवाई हुई, जब पनीर की खेप पहुंचने की सूचना पर विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

पिकअप की जांच के दौरान उसमें 20 क्विंटल पनीर मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह पनीर कैथल जिले के कलायत से यमुनानगर लाया जा रहा था। मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि विभाग को कई दिनों से दशमेश कालोनी में भारी मात्रा में संदिग्ध पनीर पहुंचने की सूचना मिल रही थी।

टीम ने जानकारी जुटाई, फिर पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। अब जांच का फोकस पकड़ी गई पिकअप तक सीमित नहीं है, बल्कि पनीर की गुणवत्ता, उसके स्रोत व शहर में उसकी सप्लाई के पूरे रास्ते का पता लगाने पर है।

बाजार में 200-250 रुपये किलो के भाव से सप्लाई

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पनीर कम दामों पर खरीदकर बाजार में करीब 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से सप्लाई किया जाता था। हालांकि पनीर मिलावटी था या उसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी।

इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। विभाग की ओर से पनीर के सेंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेज दिए गए हैं।

500 रुपये दिहाड़ी पर लाया, पूरे नेटवर्क पर नजर

पिकअप चालक सोनू कुमार ने बताया कि वह कलायत का रहने वाला है और 500 रुपये दिहाड़ी पर पनीर लेकर यमुनानगर आया था। चालक का दावा है कि उसे पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध होने की जानकारी नहीं थी।

लेकिन जांच के सामने कई अहम सवाल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर किसने भेजा, इसे यमुनानगर में किसे सौंपना था, क्या इसकी सप्लाई केवल एक केंद्र तक सीमित थी या शहर के अन्य बाजारों में भी खेप पहुंचाई जा रही थी, पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग इन पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।

गांधीनगर में भी मिला था भारी मात्रा में पनीर

फूड सेफ्टी आफिसर डा. गुलाब सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह गांधीनगर क्षेत्र के एक मकान से भी भारी मात्रा में पनीर बरामद किया गया था। उस कार्रवाई के बाद से विभाग संदिग्ध पनीर की सप्लाई पर नजर रख रहा था।

लगातार जानकारी जुटाने के बाद दशमेश कॉलोनी में दबिश दी गई। दो मामलों के सामने आने से शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व उनकी आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि दोनों मामलों के बीच सीधे संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

दीपक की तलाश, केंद्र की भूमिका की भी जांच

दशमेश कालोनी में जिस केंद्र से पनीर की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है, वह दीपक कुमार के नाम पर बताया जा रहा है। कार्रवाई के समय वह मौके पर नहीं मिला।

पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। जांच में पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पनीर कहां तैयार होता था, उसकी गुणवत्ता कैसी थी और शहर में किन-किन दुकानों या कारोबारियों तक इसकी सप्लाई की जा रही थी। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लोगों की थाली तक पहुंचने वाले पनीर पर बड़ा सवाल

पनीर रोजमर्रा के खानपान का अहम हिस्सा है। ऐसे में उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह पैदा होना लोगों की चिंता बढ़ा सकता है। डा. गुलाब सिंह ने कहा कि मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाला पनीर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने लोगों से संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री या सप्लाई की जानकारी विभाग को देने की अपील की।

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