अमरोहा, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अमरोहा के मुहम्मद शमी की बीवी हसीन जहां मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के साथ सोमवार को एडीजी से मिलीं। एडीजी को बताया कि जांच अधिकारी सीओ मिलक ने उनके पक्ष में गवाही देने वालों से कहा है कि उन्हें मुहम्मद शमी के घर के पास आकर बयान दर्ज कराने होंगे।

इस कारण उनके पक्ष के गवाह अपनी गवाही नहीं दे पाए। एडीजी ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके पक्ष के गवाहों के भी बयान लिए जाएंगे। उनके नाम और मोबाइल नंबर लिखकर दीजिए।

लोकसभा चुनाव में वोट डालने पहुंची थीं हसीन जहां 

मुहम्मद शमी और हसीनजहां के बीच पिछले साल विवाद सामने आया था। इनका मामला कोर्ट में चल रहा है। लोकसभा चुनाव के समय हसीनजहां अमरोहा में वोट डालने पहुंची थीं। इसके कुछ दिन बाद वह अपनी ससुराल यानी शमी के घर गई थीं। घर में रहने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात में घर से निकाला था। अभद्रता भी की। इसके बाद हसीनजहां फरहत नकवी के साथ एडीजी से मिली थीं। एडीजी ने इसकी जांच सीओ मिलक को सौंपी थीं। 

जांच रिपोर्ट पर हसीन को आपत्ति 

फरहत नकवी के मुताबिक, जांच पूरी हो चुकी है। सीओ ने अपनी रिपोर्ट पुलिस प्रशासन को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट पर आपत्ति यह है कि पुलिस ने एकपक्षीय बयान लिए हैं। हसीनजहां के पक्ष में जो लोग गवाही देना चाहते थे, उन पर खुले तौर से गवाही देने की राय थोप दी गई। इस दबाव में गवाह, अपनी गवाही नहीं दे पाए हैं। उन्होंने मांग की कि उनके पक्ष के गवाहों के अलग से बयान लिए जाएं। उनकी गोपनीयता भी बनी रहे। 

मामला कोर्ट में चल रहा

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अमरोहा के मोहम्मद शमी की बीवी हसीन जहां मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के साथ सोमवार को एडीजी से मिलीं। एडीजी को बताया कि जांच अधिकारी सीओ मिलक ने उनके पक्ष में गवाही देने वालों से कहा है कि उन्हें मोहम्मद शमी के घर के पास आकर बयान दर्ज कराने होंगे। इस कारण हसीन के पक्ष के गवाह अपनी गवाही नहीं दे पाए हैं। एडीजी ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके पक्ष के गवाहों के भी बयान लिए जाएंगे। उनके नाम और मोबाइल नंबर लिखकर दीजिए।

मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच पिछले साल विवाद सामने आया था। इनका मामला कोर्ट में चल रहा है। लोकसभा चुनाव के समय हसीन जहां अमरोहा में वोट डालने पहुंची थीं। इसके कुछ दिन बाद वह अपनी ससुराल यानी शमी के घर गई थीं। घर में रहने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात में घर से निकाला था। अभद्रता भी की। हसीन जहां ने फरहत नकवी से मदद मांगी।

तब, फरहत नकवी हसीन को लेकर एडीजी से मिली थीं। एडीजी ने इसकी जांच सीओ मिलक को सौंपी थीं। फरहत नकवी के मुताबिक, जांच पूरी हो चुकी है। सीओ ने अपनी रिपोर्ट पुलिस प्रशासन को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट पर आपत्ति यह है कि पुलिस ने एकपक्षीय बयान लिए हैं। हसीन जहां के पक्ष में जो लोग गवाही देना चाहते थे, उन पर खुले तौर से गवाही देने की राय थोप दी गई। इस दबाव में गवाह, अपनी गवाही नहीं दे पाए हैं। उन्होंने मांग उठाई कि हसीन के पक्ष के गवाहों के अलग से बयान लिए जाएं। उनकी गोपनीयता भी बनी रहे।

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Posted By: Narendra Kumar

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