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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amroha News: चंद्रशेखर यादव को बनाया मो. हिलाल, सरकारी नौकरी और शादी कराने का झांसा देकर मतांतरण, खतना भी किया

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
Published: Tue, 28 Feb 2023 12:15 PM (IST)

Conversion दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह में मिला था मौलवी। कई बार मौलाना तुफैल खान व उसकी पत्नी आफरीन अमरोहा भी ...और पढ़ें

Amroha News: सरकारी नौकरी व शादी कराने का झांसा देकर कराया मतांतरण।
Amroha News: सरकारी नौकरी व शादी कराने का झांसा देकर कराया मतांतरण।

अमरोहा, जागरण टीम। दिल्ली स्थित निजामुद्दीन दरगाह में मिले मौलाना ने अमरोहा के युवक से पहले दोस्ती की तथा बाद में साली से शादी कराने और सरकारी नौकरी व दिल्ली में मकान दिलाने का झांसा देकर मतांतरण करा दिया। नाम बदल कर मोहम्मद हिलाल रख दिया। इतना ही नहीं बेहोश कर खतना करा दी। दो साल तक मदरसा में रखा तथा 10 हजार रुपये महीना खर्च देता रहा। बाद में विवाद हुआ तो युवक ने दिल्ली निवासी आरोपित मौलाना व उसकी पत्नी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मदरसा चलाता है तुफैल

नगर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला नौगजा यादव वाली गली में श्याम सिंह यादव का परिवार रहता है। उनका बेटा चंद्रशेखर यादव वर्ष 2013 में नौकरी की तलाश में दिल्ली गया था। वहां चंद्रशेखर यादव हजरत निजामुद्दीन दरगाह भी जाने लगा। दरगाह में उसकी मुलाकात निजामुद्दीन क्षेत्र में स्थित मदीना मस्जिद निवासी मौलाना तुफैल खान से हुई। तुफैल वहां मदरसा भी चलाता है। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। आरोप है कि तुफैल ने चंद्रशेखर को सरकारी नौकरी लगवाने, मकान दिलाने तथा साली से शादी कराने का झांसा दिया। इस दौरान दोनों का एक दूसरे के घर भी आना-जाना होने लगा। चंद्रशेखर यादव उनके झांसे में आ गया। 

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चंद्रशेखर से नाम बदल कर रखा मोहम्मद हिलाल

मार्च 2015 में दोनों ने चंद्रशेखर का मतांतरण करा दिया। उसका नाम मोहम्मद हिलाल रखा। इतना ही नहीं मोहम्मद हिलाल के नाम से आधार कार्ड भी बनवा दिया गया। मतांतरण कराने के बाद दोनों चंद्रशेखर उर्फ मोहम्मद हिलाल को अपने साथ दिल्ली ले गए। वहां मौलाना तुफैल ने उसे अपने मदरसा में रखा। दीनी तालीम देने के साथ ही उसे नमाज पढ़ने के तरीके भी बताए।

आरोप है कि मई 2015 में तुफैल के साथ चार लोग आए और खतना करने के लिए कहा तो वह मदरसा छोड कर घर वापस अमरोहा आया। उसके पांच दिन बाद मौलाना तुफैल अपने चार साथियों के साथ अमरोहा आया और यहां फिर से झांसे में लेकर चंद्रशेखर उर्फ हिलाल को बेहोश कर खतना कर दिया। चार दिन तक वह यहीं रहे और पांचवे दिन उसे अपने साथ ले गए। दो साल तक उसे 10 हजार रुपये महीना बतौर खर्च दिया गया। इस दौरान कई बार चंद्रशेखर उर्फ मोहम्मद हिलाल ने कई बार तुफैल से शादी, मकान व सरकारी नौकरी के लिए कहा तो वह टालता रहा।

हिंदू धर्म में की वापसी

2017 में दोनों के बीच विवाद हो गया तो चंद्रशेखर उर्फ हिलाल अमरोहा लौट आया। यहां आकर उसने पुन: हिंदु धर्म में वापसी कर ली। मतांतरण गैंग से बच निकलने वाले चंद्रशेखर को कई बार धमकी भी दी गई। लिहाजा वह डर की वजह से शांत रहा तथा मुरादाबाद की एक निजी बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के रूप में नौकरी करने लगा। लाकडाउन लगने के कारण नौकरी छूट गई। फिलहाल वह दिल्ली के भगेल क्षेत्र में एक बेकरी में नौकरी कर रहा है।

मुख्यमंत्री व एसपी को भेजे शिकायती पत्र

2022 में मुजफ्फरनगर में मौलाना तुफैल के विरुद्ध शिकायत किए जाने की जानकारी मिली तो चंद्रशेखर ने भी कार्रवाई कराने का मन बनाया। लिहाजा उसने मुख्यमंत्री व एसपी अमरोहा के नाम शिकायती पत्र भेजे थे। सीओ सदर विजय कुमार राणा ने बताया कि चंद्रशेखर की तहरीर पर मौलाना तुफैल खान व उसकी पत्नी आफरीन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान भी दर्ज कराए जा चुके हैं।