अमरोहा: आयोग ने लोकसभा चुनाव में सर्विस वोटरों को ईटीपीबी (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट) जारी किए थे। पारदर्शिता को क्यूआर कोड जारी किए गए थे। गिनती से पहले ईटीपीबी के लिफाफों की स्कैनिग की जानी थी। स्कैनिग के बाद ही चार टेबल पर पोस्टल बैलेट के साथ ही ईटीपीबी की गिनती की जानी थी। स्कैनिग के लिए ही अलग से दस टेबल लगाई गई थीं, निगहबानी को दस जिला स्तरीय अधिकारी लगाए गए थे। वहीं तकनीकी स्टॉफ भी लगाया गया था। इंटरनेट के लिए बीएसएनएल की ब्रांडबैंड सेवा ली गई थी। इसके लिए बीएसएनएल के अधिकारी तकनीकी स्टॉफ के साथ मौजूद रहे। सुबह ईटीबीपी की सभी दस टेबल पर स्कैनिग शुरू की गई तो भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट ही धड़ाम हो गई। डेढ़ दो घंटा इंतजार किया गया, लेकिन वेबसाइट नहीं चली तो प्रेक्षक सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर ईटीपीबी की मैनुअली काउंटिग की गई।

Posted By: Jagran

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