'ना दुल्हन मिली, ना 5.25 लाख रुपये...' शादी का सपना देख रहे युवक के साथ बिजनौर में बड़ा धोखा
डिडौली क्षेत्र के कटाई गांव में शादी कराने के नाम पर एक युवक से 5.25 लाख रुपये की ठगी का ...और पढ़ें

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HighLights
एक सप्ताह तक युवक को गोरखपुर और मध्य प्रदेश घुमाया, जबलपुर में कराए फेरे
अनिल वर्मा, डिडौली (अमरोहा)। मौजूदा दौर में भोलापन और मौसेरे बहनोई शिवाला कलां, बिजनौर निवासी प्रभाकर सिंह पर अतिविश्वास करना कटाई गांव निवासी फुर्ती सिंह और उसके स्वजन पर भारी पड़ रहा है। शादी का झांसा देकर मौसेरे बहनोई ने एक सप्ताह तक उसे गोरखपुर और मध्य प्रदेश में घुमाया और 5.25 लाख रुपये भी ले लिए।
जबलपुर में फेरे भी कराए, परंतु बाद में दुल्हन को दादा की मौत होने का बहाना बनाकर घर छोड़ दिया। पैसे मांगे तो धमकी देने लगा। अब पीड़ित परिवार को न तो दुल्हन ही मिली और ही पैसे वापस मिल रहे हैं।
शादी करने का सपना उस समय चकनाचूर हो गया जब पैसे मांगने पर धमकियां मिलने लगीं। अब परिवार धमकियों के साए में उनके दिन-रात गुजार रहा है। पीड़ित ने शनिवार को कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र बालियान ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। शादी का झांसा देकर रुपये ठगने का आरोप है। दोनों पक्ष रिश्तेदार हैं, इसलिए आरोपित पक्ष को बुलाया गया है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कटाई गांव निवासी फुर्ती सिंह के परिवार में उनकी वृद्ध मां जगमाली, भाई जयचंद और एक दिव्यांग बहन हैं। किसान परिवार के पास करीब 35 बीघा जमीन है। फुर्ती सिंह के मुताबिक शादी नहीं होने के कारण परिवार में घरेलू कामकाज को लेकर भी परेशानी रहती है।
आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उसके मौसेरे बहनोई प्रभाकर सिंह 20 अगस्त को उनके घर पहुंचे। उन्होंने उसे शादी कराने का झांसा दिया और मोबाइल फोन में एक युवती की तस्वीर दिखाई। कहा कि शादी कराने के लिए कुछ रुपये खर्च करने होंगे।
रिश्तेदार होने के कारण वह और उनके स्वजन उनकी बातों में आ गए। पीड़ित के अनुसार, प्रभाकर सिंह ने 25 हजार रुपये आनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर कराए और पांच लाख रुपये नकद लेकर उसी दिन उसे साथ लेकर गोरखपुर रवाना हो गए।
इसके लिए कार भी किराये पर ली गई। दोनों दिन गोरखपुर में रुके। वहां प्रभाकर ने बताया कि युवती ने शादी करने से मना कर दिया है। इसके बाद वह उसे मध्य प्रदेश के जबलपुर ले गए। आरोप है कि 25 अगस्त को जबलपुर में एक युवती के साथ उसके फेरे कराए गए।
हालांकि, युवती को साथ लाने से इन्कार करते हुए कहा गया कि उसके दादा की मृत्यु हो गई है, इसलिए बाद में दुल्हन को घर लाया जाएगा। 26 अगस्त को सभी लोग वापस लौट आए।
इसके बाद से उसे और उनके स्वजन प्रभाकर सिंह से दुल्हन को घर लाने की मांग करते रहे, लेकिन वह लगातार टालता रहा। आरोप है कि नौ सितंबर को प्रभाकर ने फोन पर बात करने से भी इन्कार कर दिया। धोखे का अहसास होने पर उसने रुपये वापस मांगे तो कथित रूप से धमकी दी जाने लगी।
