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3 महीने 14 दिन में न्याय: 8 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले फरमान को आखिरी सांस तक जेल, 72 घंटे में दाखिल हुई थी चार्जशीट

Published: Tue, 29 Sep 2026 09:47 PM (IST)

अमरोहा में 8 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी फरमान को अपर सत्र न्यायाधीश ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अदालत ने 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

जागरण संवाददाता, अमरोहा। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पोक्सो एक्ट प्रथम ने रहरा क्षेत्र के गांव में अनुसूचित जाति की आठ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने वाले फरमान को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसे एएसी एक्ट व दुष्कर्म के मामलों में अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

आरोप पत्र दाखिल होने के तीन माह 14 दिन के भीतर आए अदालत के इस फैसले में पीड़िता सहित आठ लोगों की गवाही हुई थी तथा पुलिस ने 58 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। दोषी पर लगाए गए 75 हजार रुपये जुर्माना धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।

रहरा क्षेत्र के गांव में रहने वाले अनुसूचित जाति के परिवार की आठ साल की बेटी आठ जून 2026 को घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोस में रहने वाला फरमान बालिका को बहलाकर अपने साथ बुग्गी पर बैठाकर खेत में ले गया और वहां दुष्कर्म किया था।

बच्ची ने घर पहुंच कर स्वजन को घटना के बारे में बताया था। मामला संज्ञान में आने के बाद तत्काल फरमान के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरु कर दी थी। पुलिस अधिकारियों ने भी मौका मुआयना किया था।

घटना के कुछ ही घंटे बाद शाम लगभग सात बजे पुलिस व प्रशासन अधिकार्यों ने फरमान घर दो बुलडोजर से उसके घर के उस हिस्से को ध्वस्त करा दिया था, जोकि ग्राम समाज की जमीन पर बना था।

लगातार दबिश के बाद घटना के दूसरे दिन सुबह पुलिस ने फरमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस प्रकरण की विवेचना सीओ पंकज त्यागी ने की थी। गिरफ्तारी के बाद 72 घंटे के भीतर 58 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी।

17 जून को आरोप तय होने के बाद ट्रायल शुरु कर दिया गया था। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पोक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में विचाराधीन इस मामले में सोमवार को अदालत ने फरमान को दोषी करार दिया था।

सुनवाई के दौरान पीड़िता समेत आठ लोगों की गवाही हुई तथा रहरा थाने के पैरोकार राजवीर सिंंह ने पैरवी की। पीड़िता ने गवाही के दौरान फरमान की शिनाख्त कर अपना बयान दर्ज कराया था।

अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने बताया कि अदालत ने दोषी फरमान को एससी एक्ट व दुष्कर्म के मामलों में अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बताया कि फरमान को जमानत नहीं मिली थी।

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