विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UP में बड़ा फर्जीवाड़ा: ग्राम सचिव की ID हैक कर 2 दिन में जारी कर दिए 498 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, मचा हड़कंप

Published: Thu, 15 Oct 2026 10:06 PM (GMT+05:30)

अमरोहा में ग्राम सचिव की आईडी हैक कर दो दिन में 498 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिससे ...और पढ़ें

एआई इमेज

एआई इमेज

HighLights

  1. यूपी समेत 18 राज्य के लोगों के बनाए गए प्रमाण पत्र, जोया ब्लाक की तोफापुर ग्राम पंचायत का मामला

जागरण संवाददाता, अमरोहा। जालसाजों ने ग्राम पंचायत सचिव की आइडी हैक कर 498 लोगों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए। यह प्रमाण पत्र यूपी समेत देश के 18 राज्यों के लोगों के नाम से जारी किए गए हैं। हैरत की बात तो यह है कि वर्ष 1939, 1940, 1945, 1950 में जन्म लेने वाले लोगों का भी प्रमाण पत्र बनाया गया है।

छह व सात अक्टूबर यानी दो दिन में ही इन्हें जारी किया गया है। बुधवार को ग्राम सचिव ने आइडी खोली तो फर्जीबाड़ा का पता चला। मामला सामने आने पर अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। डीएम डा. नितिन गौड़ ने मामले की जांच का आदेश दिया है।

यह मामला जोया ब्लाक की ग्राम पंचायत तोफापुर का है। यहां पर बतौर ग्राम पंचायत सचिव अमरजीत सिंह की तैनाती है। एक सप्ताह से उन्होंने अपनी यूपी044775आरई नंबर की आइडी नहीं खोली थी।

इस आइडी से वह जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करते हैं। इसी बीच 6 व 7 अक्टूबर को जालसाजों ने उनकी आइडी हैक कर ली। जिसके माध्यम से उन्होंने 498 जन्म प्रमाण जारी कर दिए।

इनमें यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, बंगाल, सिक्किम समेत 18 राज्यों के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं। सबसे अधिक यूपी के 270 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

जबकि दिल्ली के चार, राजस्थान के दो, बंगाल के 15, बिहार के 72, सिक्किम का एक, झारखंड के 53, हिमाचल प्रदेश के छह, मध्य प्रदेश के नौ, हरियाणा के 17, कर्नाटक के 15, महाराष्ट्र के 13 पंजाब के सात, उत्तराखंड के दो, असम के आठ, तेलंगाना के तीन, आंध्र प्रदेश का एक तथा छह जन्म प्रमाण पत्र ऐसे हैं जिनके राज्य स्पष्ट नहीं हैं।

सभी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए केवल दो मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजे गए हैं। यूपी के चंदौली, फर्रूखाबाद, कानपुर देहात, सिद्धार्थनगर, बलिया, प्रतापगढ़ जिले के लोगों के प्रमाण पत्र जारी हुए हैं।

बुधवार को अमरजीत सिंह ने आइडी खोलकर देखी तो उन्हें जानकारी हुई। फौरन ही उन्होंने इस संबंध में बीडीओ नीरज गर्ग को अवगत कराया। मामला सामने आने पर अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।

बीडीओ ने इस संबंध में जिलाधिकारी को सूचना दी है। यह प्रमाण पत्र किसने जारी किए हैं, इसकी जांच शुरु कर दी गई है। शासन स्तर पर भी अवगत करा दिया गया है।

देशभर के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के बाद माना जा रहा है कि इस घटना को किसी बड़े गिरोह ने अंजाम दिया है। डीएम डाॅ. नितिन गौड़ ने बताया कि प्रकरण से शासन स्तर पर सूचित करते हुए जांच कराई जा रही है। प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।

बता दें कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में 2022 में भी जिले में पकड़ में आ चुके हैं। जालसाजों ने जोया ब्लाक की ग्राम पंचायत शेखुपुरा माफी के सचिव व रहरा सीएचसी की आइडी हैक कर जन्म प्रमाण पत्र जारी किए थे।

यह भी पढ़ें- अमरोहा में नशीली दवाओं पर बड़ा एक्शन: 13 और मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द, अब तक 51 पर गिरी गाज