फर्जीवाड़े की हद: बिना छिड़काव कागजों पर बह गए लाखों, सैनिटाइजर के नाम पर ऐसे लूटा सरकारी खजाना
जोया ब्लॉक की नौ पंचायतों में सैनिटाइजर छिड़काव और फॉगिंग के नाम पर लाखों का फर्जीवाड़ा सामने आया है। पंचायत ...और पढ़ें

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HighLights
नौ पंचायतों में दर्शाई गई खरीद और किया गया लाखों का भुगतान
फर्जीवाड़ा कर खपाई गई धनराशि, डीपीआरओ कर रहे अंतिम जांच
राहुल शर्मा, अमरोहा। जोया ब्लाक क्षेत्र की नौ पंचायतों में फर्जीवाड़े की सारी हदें पार कर दी गईं। पंचायत सचिव व प्रशासकों ने सैनिटाइजर छिड़काव के नाम पर भी सरकारी खजाने में जमकर लूट मचाई। फर्जीवाड़ा कर सरकारी धनराशि को हड़पा गया। हैरानी की बात ये है कि सैनिटाइजर का पंचायतों में छिड़काव ही नहीं होता है।
मच्छर मारने और फागिंग के लिए दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध कराता है। बावजूद इसके फागिंग कार्य पर भी लाखों रुपये निकालकर हजम किए गए। अब मामले की अंतिम जांच डीपीआरओ स्वयं कर रहे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट से ही कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
जनपद में 576 ग्राम पंचायत हैं। उनके प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। अब वह प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं। सरकारी धन को हड़पने के लिए सचिव व प्रशासक नियमों को ताक पर रख रहे हैं। डीएम की अनुमति लिए बगैर ही पंचायतों में काम करवा रहे हैं।
जोया ब्लाक की नौ पंचायतों में तो इस कदर फर्जीवाड़ा किया गया कि जांच अधिकारी भी सन्न रह गए। फर्जी कामों पर भी सरकारी खजाने की लुटाई की गई। जिस सैनिटाइजर का छिड़काव नहीं होता है, उसका भी छिड़काव दिखाकर लाखों के भुगतान पंचायतों में किए गए।
इसमें मंगूपुरा पंचायत में सैनिटाइजर छिड़काव के नाम पर 39980 रुपये, अटेरना में 39980 रुपये, सूदनपुर में 59940 रुपये, गफ्फारपुर में 19995 व 19992 रुपये, शकरपुर-समसपुर में 39980 रुपये व रजबपुर में 59950 व 59500 रुपये निकाले गए। कुल 26.88 लाख रुपये के काम बिना डीएम की अनुमति के दर्शाकर धनराशि निकाली गई।
ये है नियम
नियम है कि प्रशासक व सचिव पंचायत में अगर कोई नया काम करवाना चाहते हैं तो उसकी अनुमति जिलाधिकारी से लेनी पड़ेगी। काम का वह प्रस्ताव बनाएंगे और डीपीआरओ कार्यालय में जमा करेंगे। इसके बाद डीपीआरओ द्वारा उसका अवलोकन करेंगे।
सीडीओ की संस्तुति कर अनुमति के लिए जिलाधिकारी के पास भेजेंगे। यही प्रकि्रया धनराशि के भुगतान के लिए उनको अपनानी होगी। 26 मई से पहले के जो काम चल रहे थे, उनका ही प्रशासक व सचिव भुगतान कर सकेंगे। नए किसी भी काम का भुगतान नहीं होगा।
मामले की अभी अंतिम जांच चल रही है। पंचायत सचिव से लिखित में जवाब मांगा गया है। प्रशासकों को जिलाधिकारी द्वारा नोटिस जारी किया गया है और लिखित में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
- नितिन कुमार, डीपीआरओ
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