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अमरोहा में 5.50 करोड़ का पंचायत घोटाला: बिना इजाजत लुटा सरकारी खजाना, कमीशन के फेर में सोते रहे अफसर

Published: Tue, 08 Sep 2026 05:30 PM (IST)

अमरोहा में प्रशासकों और पंचायत सचिवों ने डीएम की अनुमति के बिना 5.50 करोड़ रुपये के सरकारी फंड का दुरुपयोग ...और पढ़ें

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HighLights

  1. छह ब्लाक के एडीओ पंचायत के पास थी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी, ईमानदारी से नहीं निभाई

  2. बिना अनुमति खर्च की गई धनराशि, घपलेबाजी सामने आई तो उधड़ रहीं लापरवाही की परतें

जागरण संवाददाता, अमरोहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं लेकिन, उनका तंत्र ही मंसूबों पर पानी फेर रहा है। नियमों को ताक पर रखकर अधिकारी व कर्मचारी काम कर रहे हैं। डीएम की अनुमति के बिना ही प्रशासकों व पंचायत सचिवों ने सरकारी खजाने में सेंधमारी कर वारे-न्यारे कर लिये।

जिन अधिकारियों पर पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी थी, वह भी कमीशन के चक्कर में खामोश होकर बैठ गए। शासनादेश की धज्जियां उड़ाकर पंचायतों में फर्जी कामों पर खर्च की गई धनराशि का मामला सामने आने के बाद अब जिम्मेदारी की लापरवाही की कलई भी खुलती जा रही है। उनके खिलाफ अधिकारियों की अभी कलम नहीं चल रही है।

जनपद में 576 पंचायतें हैं। उनके प्रधानों का कार्यकाल गत 26 मई को समाप्त हो चुका है। अब वह पंचायतों में प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं। नए काम डीएम की अनुमति के बाद ही पंचायतों में किए जाएंगे लेकिन, प्रशासकों व पंचायत सचिवों ने नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये की राशि खर्च कर दी।

तीन कामों सैनिटाइजर छिड़काव, फागिंग कार्य व हैंडपंप रिबोर पर ही 5.50 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। इनमें एक-एक पंचायत में दो-दो व तीन-तीन बार फागिंग का काम दिखाया गया है। यहां बता दें कि जनपद में छह ब्लाक हैं। प्रत्येक ब्लाक में एडीओ पंचायत की तैनाती की गई है।

एडीओ पंचायत को ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे कार्य के पर्यवेक्षण का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए बाकायदा उनको भत्ता भी दिया जाता है। बावजूद इसके किसी भी एडीओ ने प्रशासकों व सचिवों द्वारा खर्च की जा रही राशि के बारे में पूछना या फिर जांच करना मुनासिब नहीं समझा। चूंकि, हर काम पर उनका भी कमीशन तय होता है।

वह भी आंखें मूंदकर खामोश हो गए। सरकारी खजाना लुटता गया और जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद में गाफिल हो गए। अब मामले सुर्खियों में आए हैं तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आई है। बहरहाल, पंचायत सचिवों को नोटिस भेजे गए हैं। उनके जवाब मिलने पर अगला कदम उठाया जाएगा।

 

जिन सचिवों को नोटिस भेजे गए हैं, उनके जवाब आने के बाद मामले में अगला कदम उठाया जाएगा। बहरहाल, अभी जांच का काम चल रहा है।

- नितिन कुमार, डीपीआरओ


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