न रोटियों पर घी, न थाली में फल: अमरोहा के स्कूलों में बच्चों को परोसा जा रहा घटिया मिड-डे-मील, खुलने लगे पोल
अमरोहा के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को घटिया मिड-डे-मील परोसा जा रहा है, जिसमें सूखी रोटियां और आलू-बरी की सब्जी ...और पढ़ें

संविलियन विद्यालय गुलड़िया में मिड-डे-मील का भोजन ग्रहण करते बच्चे। जागरण
HighLights
बच्चों को बांटे जाने वाले मध्यान्ह भोजन में मिली खामियां, शिक्षामित्र के सहारे चलता मिला प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुरा
जागरण संवाददाता, अमरोहा। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नौनिहालों को घटिया मिड-डे-मील परोसा जा रहा है। सब्जी के साथ नौनिहालों को सूखी रोटियां परोसी जा रही है। जिसमें कुछ बच्चे मिड-डे-मील नहीं खाते। दैनिक जागरण की टीम ने सोमवार को नगर के स्कूलों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
स्कूलों में बच्चों को आलू-बरी की सब्जी के साथ बच्चों को सूखी रोटियां परोसी गई थी। जबकि रफातपुरा प्राथमिक विद्यालय में सुबह दस बजे तक बच्चों को फल भी नहीं बांटे गए थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कि बच्चों का बांटने के लिए फल नहीं आए हैं।

दैनिक जागरण की टीम सोमवार को नगर के परिषदीय स्कूलों में मेन्यू के अनुसार मिड-डे-मील परोसे जाने की हकीकत जानने के लिए निकली। सब्जी-रोटी परोसने का मेन्यू था। करीब 9.30 रफातपुरा प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर देखा तो एक कक्ष में प्रधानाध्यापक शबाना परवीन बैठीं थी।
जबकि बच्चे कक्षा में अकेले खेल रहे थे। बच्चों को फल नहीं बांटे गए थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि फल बच्चों को बांटने के लिए नहीं आए है। इसके बाद टीम ने 10.10 बजे प्राथमिक विद्यालय हमीदपुरा देखा तो प्रधानाध्यापक भावना यादव समेत अन्य स्टाफ मौजूद मिला। वहां बच्चों को फल बांटे गए थे, जिसमें फर्म से मिड-डे-मील में आलू-बरी की सब्जी के साथ सूखी रोटियां थी।

प्रधानाध्यापक ने बताया कि रोटियां मशीन से बनकर आती है। टीम कल्यानपुरा प्राथमिक विद्यालय में देखा तो वहां केवल शिक्षामित्र नगमा मिली। बच्चे गेम खेल रहे थे। मिड-मील में आलू बरी की सब्जी थी। वहां भी सूखी रोटियां थी। शिक्षामित्र ने बताया कि इतना घटिया मिड-डे-मील आ रहा है। कुछ बच्चे खाने से ही इन्कार कर देते हैं।
टीम हुसैनपुरा प्राथमिक विद्यालय पहुंची। वहां प्रधानाध्यापक पूजा शर्मा, सहायक अध्यापक प्राची व शिक्षामित्र शशि मिली। वहां 40 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों को फल बांट दिए गए थे, जबकि मिड-डे-मील रोटी व सब्जी रखी थी। रोटियां सूखी हुई थी। प्रधानाध्यापक ने बताया कि रोटियां इतनी घटिया आ रही है कि कुछ बच्चे खाते ही नहीं है।
इसके बाद टीम करीब 10.45 बजे संविलियन विद्यालय गुलड़िया पहुंची, वहां देखा तो बच्चे मिड-डे-मील का खाना खा रहे थे, लेकिन रोटियां सूखी थी। प्रधानाध्यापक रितु ने बताया कि रोटियां सूखी है पर हम कुछ नहीं कह सकते। फिलहाल मिड-डे-मील की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्कूलों का निरीक्षण कर मिड-डे-मील की गुणवत्ता परखी जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्म का ठेका निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
- मोनिका, बीएसए।
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