अमरोहा में फर्जी वीजा-टिकट पर धोखे की उड़ान, आस्ट्रेलिया-कनाडा भेजने का झांसा देकर छह लोगों से 19 लाख ठगे
अमरोहा में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर छह लोगों से 19 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
अमरोहा में विदेश नौकरी के नाम पर 19 लाख की ठगी।
फर्जी वीजा-टिकट देकर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा भेजने का झांसा दिया।
दो आरोपियों धर्मेंद्र और सुरेंद्र पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। विदेश में नौकरी...सुनहरे सपने...डॉलर में कमाई। यह सुनने व कल्पना करने में अच्छा लगता है। परंतु हकीकत एकदम उलट है। विदेशों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगने वालों का जाल जगह-जगह फैला हुआ है। आए दिन इस प्रकार के ठगी के मामले में सामने आ रहे हैं।
अब बदायूं के धर्मेंद्र व अमरोहा के सुरेंद्र पर छह लोगों से 19 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है। उन्होंने पीड़ितों को आस्ट्रेलिया व कनाडा भेज कर नौकरी लगवाने का झांसा देकर पैसे लिए थे। सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि दोनों आरोपितों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
नौगावां सादात क्षेत्र के गांव तारापुर निवासी जगपाल सिंह व डिडौली क्षेत्र के गांव मिठ्ठनपुर निवासी ब्रह्मानंद सिंह उप्र. परिवहन निगम में सहायक चालक हैं। दो साल पहले गांव लोधीपुर बंजारा निवासी सुरेंद्र सिंह ने दोनों को आस्ट्रेलिया भेजने और वीजा दिलाने का भरोसा देते हुए 13 लाख रुपये ले लिए। कुछ रकम आनलाइन और कुछ नकद दी गई।
आरोप है कि बाद में आरोपित ने एआई से वीजा और टिकट बनवा कर दोनों को दे दिए। एयरपोर्ट पहुंचे तो वीजा व टिकट फर्जी होने की जानकारी हुई। बाद में भी आरोपित दोनों को कभी 10 तो कभी 15 दिन में विदेश भेजने की बात कहता रहा।
जब दोनों अपनी रकम मांगने आरोपित के घर पहुंचे तो उसने पत्नी व बच्चों ने उनके मिलकर मारपीट की। दूसरे मामले में नौगावां सादात क्षेत्र के गांव अव्वलपुर निवासी अनिल, राजीव और दीपक तथा रामपुर के स्वार क्षेत्र के गांव जोधावाला निवासी श्याम के साथ कनाडा भेजने के नाम पर ठगी हुई।
पीड़ितों के मुताबिक 2025 में उनकी मुलाकात बदायूं के थाना बिल्सी के गांव निजामपुर निवासी धर्मेंद्र से हुई थी। धर्मेंद्र ने उन्हें कनाडा भेजने का भरोसा दिलाया। उसने वर्क परमिट, वीजा और टिकट कराने के नाम पर प्रति व्यक्ति 1.50 लाख रुपये मांगे।
सभी पीड़ितों ने पैसे उसे खाते में ट्रांसफर करने के साथ ही नकदी के रूप में छह लाख रुपये दे दिए। काफी समय बीतने के बाद न तो विदेश भेजा गया और न ही उनकी रकम वापस की गई। धर्मेंद्र नोएडा के सेक्टर-167 में सिया इंटरनेशनल सिक्योरिटी के नाम से कार्यालय भी चलाता है। सीओ ने बताया कि दोनों मामलों में सुरेंद्र व धर्मेंद्र पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
फर्जी एजेंसी खोल कर लोगों को ठग रहे जालसाज
विदेश भेज कर नौकरी दिलाने के नाम पर तमाम जालसाज फर्जी एजेंसी खोल कर लोगों को ठग रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में मात्र 1.20 लाख ही पंजीकृत एजेंसी हैं। जबकि कई लाख फर्जी एजेंसी ऐसी हैं जो लोगों को झांसे में लेकर ठगी का काम कर रही हैं।
बदायूं निवासी धर्मेंद्र भी नोएडा में इसी प्रकार की एजेंसी का संचालन करता है। हालांकि यह जांच का विषय है कि उसकी एजेंसी पंजीकृत है या नहीं। सीओ ने बताया कि धर्मेंद्र की एजेंसी के पंजीकरण होने की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
2025 में अब तक जिले में दर्ज हो चुकी 17 प्राथमिकी
विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में जिले में सामन आए हैं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक जनवरी 2026 से 20 सितंबर तक जिले में इस प्रकार की धोखाधड़ी की 17 प्राथमिकी दर्ज हुई हैं।
डिडौली, हसनपुर, गजरौला, अमरोहा नगर व नौगावां सादात थानों में सबसे अधिक प्राथमिकी हुई हैं। जिनमें लोगों को विदेश भेजकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ठगे गए हैं।
यह भी पढ़ें- ऑनलाइन गेम खेलकर लाखों जीतो... झांसा देकर पीलीभीत में 102 करोड़ की ठगी, सरगना और नर्सिंग छात्र गिरफ्तार
