अमरोहा के अक्षय का अब तक नहीं चला पता, लापता बेटे को ढूंढने अब खुद रूस जाएंगे पिता और भाई
अमरोहा के अक्षय कुमार रूस में युद्ध के मोर्चे पर घायल होने के बाद से लापता हैं, जिससे उनका परिवार बेहद परेशान है।

मंडी धनौरा के गांव फतेहपुर छितरा में रुस गए बेटे की तस्वीर दिखाते स्वजन
HighLights
अमरोहा के अक्षय कुमार रूस में युद्ध के मोर्चे पर लापता।
भारतीय दूतावास से संतोषजनक जवाब न मिलने से परिवार परेशान।
पिता-भाई अक्षय की तलाश में रूस जाने की तैयारी में।
नवीन वर्मा, अमरोहा। रूस में युद्ध के मोर्चे पर घायल होने के बाद से लापता ग्राम फतेहपुर छितरा निवासी अक्षय कुमार का कोई सुराग न मिलने से परिवार का हाल बेहाल है।
रूस में स्थित भारतीय दूतावास से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। बड़ा भाई अमन प्रतिदिन ईमेल भेज कर स्थिति स्पष्ट कराए जाने की मांग कर रहा है।
ऐसे में अब पिता रणधीर सिंह व भाई अमन रूस जाने की तैयारी कर रहे हैं। जिससे कि उन्हें बेटे के संबंध में जानकारी प्राप्त हो सके। इसके लिए उन्होंने न सिर्फ पासपोर्ट तैयारा कराया है बल्कि वीजा के लिए भी आवेदन कर दिया है।
ग्राम फ़तेहपुर छितरा निवासी किसान रणवीर सिंह का छोटा बेटा अक्षय कुमार पढ़ाई के लिए रूस गया था, जहां धोखे से उसे रूसी सेना में भर्ती कराकर युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया था। 15 जुलाई को युद्ध के दौरान उसके घायल होने की खबर आई थी, जिसके बाद से परिवार लगातार उसकी सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहा है।
मगर कुछ अता-पता नहीं लगा चल पा रहा। रविवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दानवीर सिंह ने इस संबंध में परेशान स्वजन संग प्रेस वार्ता कर भारत सरकार से सहयोग किए जाने की अपील की थी। बेटे से संपर्क नहीं होने के कारण जहां एक तरफ पूरा परिवार परेशान है।
उधर दूसरी ओर, बड़ा भाई अमन लगातार भारतीय व रूसी दूतावास के संपर्क में है। वह रोजाना ई-मेल भेजकर अपने भाई की कुशल-क्षेम और उसकी सही स्थिति की जानकारी मांगने में जुटा हुआ है, लेकिन अब तक दूतावास की तरफ से कोई ठोस व स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया है।
सरकारी व कूटनीतिक स्तर पर हो रही देरी और बेटे का कोई पता न चलने के कारण अब स्वजन का सब्र टूट चुका है। अक्षय की तलाश में अब भाई व पिता खुद रूस जाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पिता रणवीर सिंह और बड़े भाई अमन ने अपने पासपोर्ट तैयार करवा लिए हैं और रूस जाने के लिए वीजा हेतु आवेदन भी जमा कर दिया है।
वीजा मंजूर होते ही परिवार रूस के लिए रवाना होगा। स्वजन का कहना है कि जब तक अक्षय का पता नहीं चल जाता, वे चैन से नहीं बैठेंगे और बेटे को ढूंढने के लिए रूस तक जाएंगे।
या तो मेरे भाई को ढूंढो, या साफ मना कर दो : रूस में लापता अक्षय के भाई का दूतावास को भावुक पत्र
रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए युवा अक्षय कुमार के परिवार की सहनशक्ति अब जवाब दे चुकी है। पिछले 20 दिनों से अक्षय से कोई संपर्क न होने और उसकी सलामती की कोई खबर न मिलने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। अक्षय के भाई अमन ने भारतीय दूतावास (मॉस्को) को एक और दर्दभरी और सख्त चिट्ठी भेजकर अपनी लाचारी जाहिर की है।
भाई ने ईमेल में लिखा, हम बेहद तनाव व मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं। हम कई बार ईमेल भेज चुके हैं और दो सितंबर को कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मेरी आपसे अपील है कि कृपया मेरे भाई को तलाशने में मदद करें। अगर आप मदद नहीं कर सकते, तो हमें साफ बता दें ताकि हम अपने स्तर पर कुछ कदम उठा सकें।
इस भावुक पत्र के जवाब में भारतीय दूतावास ने स्थिति स्पष्ट की है। दूतावास के अनुसार, उन्होंने रूसी रक्षा मंत्रालय के समक्ष अक्षय को सेना से मुक्त करने का मुद्दा उठाया था।
हालांकि, रूसी अधिकारियों का कहना है कि अक्षय अब रूसी नागरिक है और उसके पास वहां का पासपोर्ट भी है, इसलिए उसे मुक्त नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद भारतीय दूतावास ने रूसी अधिकारियों से दोबारा अक्षय की रिहाई का अनुरोध किया है।
