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50 से ज्यादा तेंदुए और सिर्फ 60 वनकर्मी! अमरोहा के गांवों में घुसा तेंदुओं का कुनबा, ग्रामीणों की उड़ी नींद

Published: Thu, 17 Sep 2026 10:08 PM (IST)

अमरोहा में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं, जहां 50 से अधिक तेंदुए होने का अनुमान है ...और पढ़ें

नौगावां सादात में पुल की दीवार पर बैठा तेंदुआ स्रोत वीडियो ग्रैब

नौगावां सादात में पुल की दीवार पर बैठा तेंदुआ स्रोत वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. कुत्ते और पालतू पशु बन रहे निशाना, खेतों पर जाने से कतरा रहे किसान

  2. वन विभाग से धरपकड़ अभियान चलाने और गश्त बढ़ाने की उठाई मांग

नवीन वर्मा, मंडी धनौरा (अमरोहा)। क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी लगातार ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रही है। जंगल और खेतों से निकलकर तेंदुए आबादी के आसपास पहुंच रहे हैं। शिकार की तलाश में घरों के बाहर बंधे कुत्ते, बछड़े, बकरी और अन्य पालतू पशुओं पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। किसान अकेले खेतों पर जाने से बच रहे हैं और समूह बनाकर फसलों की रखवाली कर रहे हैं।

सैरकपुर, रसूलपुर भांवर, मुकरामपुर, चौखट, पेली तगा, कपसुआ, जसौरा, देहरा चक, कुआखेड़ा, वासीपुर, जूझैला चक, ताजपुर और मोहद्दीनपुर समेत कई गांवों में तेंदुआ देखे जाने की सूचना सामने आ चुकी है।

हाल ही में शेरपुर गांव में तेंदुए ने घोड़ी पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। जसौरा में आम के बाग में बंधे लंगूर को तेंदुआ शिकार बना चुका है। चौखट में घर के बाहर बंधे कुत्ते पर भी तेंदुए के हमले की घटना सामने आई थी।

इसके अलावा कई गांवों में पशुशालाओं में घुसकर बछड़ों और बकरियों के शिकार की घटनाएं भी बताई गई हैं। वन विभाग के अनुसार जिले के तीनों वन सर्किल में 50 से अधिक तेंदुओं के विचरण का अनुमान है।

तेंदुओं की धरपकड़ के लिए फतेउल्लापुर, पेली तगा और बल्दाना हीरा सिंह में पिंजरे लगाए गए हैं। मुकरामपुर में सुरक्षा के लिए लगाई गई तारबंदी में एक तेंदुआ फंस गया था।

वन विभाग ने उसे सुरक्षित पकड़कर अमानगढ़ वन रेंज, बिजनौर में छोड़ दिया था। रामगंगा पोषक नहर के पास हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक तेंदुए की मौत भी हो चुकी है।

वहीं, सहजादपुर और नाव वाला गांव में तेंदुए की ओर से किसानों पर हमला किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। तेंदुओं की लगातार मौजूदगी का असर ग्रामीणों की दिनचर्या पर भी पड़ा है।

वह बच्चों को भी अकेले घर से बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से प्रभावी धरपकड़ अभियान चलाने और आबादी वाले क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने की मांग की है।

बिजनौर में बढ़ी बाघों की संख्या तो अमरोहा की ओर बढ़ा तेंदुओं का रुख

बिजनौर के वन क्षेत्रों में बाघों की संख्या बढ़ने का असर अमरोहा के जंगलों में भी दिखाई देने की बात वन विभाग की ओर से कही जा रही है। विभाग के अनुसार बाघों से बचने के लिए तेंदुए बिजनौर से सटे अमरोहा के जंगलों की ओर आ रहे हैं।

यहां अपेक्षाकृत सुरक्षित वातावरण मिलने के कारण मादा तेंदुए शावकों को जन्म दे रही हैं। इससे क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। पूर्व में अफजलपुर लूट गांव के जंगल में तेंदुए के शावक मिलने की घटना सामने आ चुकी है।

जिले के अन्य वन क्षेत्रों में भी शावक देखे जाने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग के अनुसार बिजनौर वन क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण तेंदुओं के लिए अमरोहा के जंगल सुरक्षित ठिकाने के रूप में सामने आ रहे हैं।

संसाधन सीमित, बढ़ रही चुनौती

क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी बढ़ने के बीच वन विभाग के संसाधन सीमित हैं। विभाग के पास करीब एक दर्जन पिंजरे उपलब्ध बताए गए हैं। धरपकड़ अभियान के दौरान कर्मचारियों के लिए लाइफ जैकेट, हेलमेट और डंडे आदि संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी संख्या सीमित है।

अमरोहा, मंडी धनौरा और हसनपुर तहसील क्षेत्र के वन विभाग के स्टाफ में करीब 60 कर्मचारी ही तैनात बताए जाते हैं। बढ़ते तेंदुआ मूवमेंट के बीच सीमित संसाधन और कम स्टाफ विभाग के लिए चुनौती बने हुए हैं। फिलहाल ग्रामीणों को जागरूक करने और सावधानी बरतने की अपील पर जोर दिया जा रहा है।

सिकरिया पुल पर बैठा दिखा तेंदुआ, कार चालक ने बनाई वीडियो

अमरोहा। जिले में तेंदुए की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। डिडौली और अतरासी के बाद अब नौगावां सादात क्षेत्र में भी तेंदुआ देखे जाने का मामला सामने आया है।

बुधवार रात सिकरिया पुल की दीवार पर बैठे तेंदुए का वीडियो कार चालक मोहम्मद सिराज ने बना लिया। बाद में वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया।

डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि गांव में टीम भेजकर मामले की जांच कराई जा रही है। दरअसल, पिछले एक महीने से नौगावां सादात, मंडी धनौरा, कांकर सराय, डिडौली और रजबपुर क्षेत्र में लगातार तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं मिल रही हैं।

तेंदुआ कई स्थानों पर जंगली जानवरों को भी निवाला बना चुका है। वन विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

बुधवार रात नौगावां सादात निवासी मोहम्मद सिराज कार से घर लौट रहे थे। सिकरिया पुल पर पहुंचे तो उन्हें पुल की दीवार पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। उन्होंने चलती कार से तेंदुए का वीडियो बना लिया।

कुछ ही देर बाद यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने लगा। तेंदुआ देखे जाने की सूचना से क्षेत्र के लोगों में फिर दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाकर तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।

तेंदुए से बचाव के उपाय

  • समूह में जाएं: सुबह और शाम जंगली जानवर शिकार की तलाश में अधिक सक्रिय रहते हैं। इसलिए खेतों पर अकेले जाने के बजाय समूह में जाएं।
  • टार्च और डंडा साथ रखें: खेतों पर जाते समय तेज रोशनी वाली टॉर्च और डंडा अपने साथ रखें, ताकि आसपास की स्थिति पर नजर रखी जा सके।
  • आवाज करते हुए चलें: जंगल या खेतों की ओर जाते समय बातचीत करते रहें। मोबाइल फोन पर हल्का संगीत चलाने से भी आसपास मौजूद तेंदुए को इंसानों की मौजूदगी का पता चल सकता है।
  • अंधेरे में अकेले न निकलें: शाम के बाद खेतों या सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें। जरूरी होने पर समूह के साथ ही बाहर निकलें।
  • तेंदुआ दिखे तो पीछा न करें: आसपास तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने, पीछा करने या उसे घेरने का प्रयास बिल्कुल न करें। सुरक्षित स्थान पर रहें।
  • वन विभाग को सूचना दें: तेंदुआ दिखाई देने या उसकी मौजूदगी के संकेत मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें। भीड़ जुटाकर तेंदुए को परेशान करने से बचें।

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